संथाल सबसे पिछड़ा, विकास करके ही रहेंगे : मुख्यमंत्री
राज्य के आला अिधकारियों के साथ समीक्षा बैठक करते मुख्यमंत्री।
पॉलिटिकल रिपोर्टर | रांची
आजादी के बाद से ही संथाल परगना राज्य का सबसे पिछड़ा क्षेत्र है। 2014 में सरकार में आने के बाद से हमने संथाल के विकास पर विशेष जोर दिया है। उन्होंने कहा कि वहां के लोगों के जीवन में बदलाव लाकर ही हम वास्तविक विकास ला सकेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्ववाली सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं को लागू कर हम इस क्षेत्र में अामूल-चूल परिवर्तन कर पायेंगे। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने बुधवार को प्रोजेक्ट भवन स्थित सभागार में संथाल परगना प्रमंडल में फ्लैगशिप योजनाओं के लिए बनाई गई कार्य योजना की समीक्षा दौरान ये बातें कही। उन्होंने डीसी को बिजली के लिए हर दस दिन पर और किसी न किसी योजना की प्रतिदिन समीक्षा करने का भी निर्देश दिया। कहा कि 20 से 29 जून 2018 तक राज्य में कृषि महोत्सव का आयोजन किया जायेगा। इसमें किसानों को बीज, फसल बीमा, सॉयल हेल्थ कार्ड आदि का वितरण किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि दो साल तक जहां बाल विवाह नहीं होगा, उस पंचायत को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। संथाल परगना के कुछ इलाके में अभी भी कालाजार का प्रकोप है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के मकान बनने से इन क्षेत्रों में कालाजार जैसी बीमारी पर नियंत्रण पाया जा सकेगा।
कालाजार फैलाने वाला कीड़ा कच्चे मकानों में घर बना लेता है।
उज्जवला तथा उज्जवला प्लस के लक्ष्य को हासिल करें
मुख्यमंत्री ने कहा कि लाभुकों तक एलपीजी कनेक्शन पहुंच जायेगा, तो महिलाओं के पास काफी समय बचेगा। इससे वे जीविकोर्पाजन के अन्य काम कर सकेंगी। उनका जीवनस्तर ऊपर उठेगा।
2 अक्टूबर 2018 तक सभी जिले ओडीएफ हों
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवघर जिला ओडीएफ हो चुका है तथा 2 अक्टूबर 2018 तक सभी जिले ओडीएफ किये जायें।
अज्ञानता ही पिछड़ापन का मुख्य कारण है
रघुवर दास ने कहा कि पिछड़ेपन का प्रमुख कारण अज्ञानता है। संथाल में लोगों को शिक्षित कर क्षेत्र का तेजी से विकास किया जा सकता है। विकास हो या सामाजिक समस्या सबका हल शिक्षा से ही होगा। गांव के पढ़े लिखे युवकों को घंटी आधारित कक्षा के लिए नियुक्त करें। मॉडल स्कूल पर विशेष फोकस करते हुए अधिक से अधिक नामांकन को बढ़ावा दिया जाए।
आदिवासी विकास समिति एवं ग्राम विकास समिति विकास को जनान्दोलन बनाएगी : मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें झारखंड को बिचैलिया, सिंडिकेट व भ्रष्टाचार से मुक्त करना है। गांव के विकास के लिए विभिन्न विभागों की योजनाओं को लागू करने में गांव की आदिवासी विकास समिति एवं ग्राम विकास समिति का गठन किया गया है। समय आ गया है कि आदिवासी विकास समिति, ग्राम विकास समिति, महिला स्वयं सहायता समूह (सखी मंडल), डिस्ट्रिक्ट-ब्लॉक को-ऑर्डिनेटर आदि की मदद से हम अपनी योजनाओं को लागू कराएं।