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रावी दर्शन अभिलाषी संस्था ने की करतारपुर के खुले रास्ते को लेकर 208वीं अरदास
भास्कर संवाददाता| डेरा बाबा नानक
भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर बने कोरीडोर से पिछले करीब 208 महीनों से रावी दर्शन अभिलाषी संस्था की तरफ से परमात्मा से अरदास की जा रही है।
संस्था के सदस्यों ने सरकार से मांग करते कहा कि पाकिस्तान स्थित गुरद्वारा श्री करतार साहिब के दर्शनों के लिए भारत और पाकिस्तान की सरकारें श्रद्धालुओं को बिना पासपोर्ट वीजा जाने की इजाजत दें। संस्था के मुखी कुलदीप सिंह वडाला ने कहा कि पाकिस्तान में स्थित गुरद्वारा श्री करतारपुर साहिब में प्रथम गुरू श्री गुरू नानक देव जी ने अपना अंतिम समय बिताया था। उस जगह पर सिख संगत का धार्मिक स्थल बना हुआ है। भारत के बंटवारे के समय श्री करतारपुर साहिब पाकिस्तान में चला गया था। जिस कारण श्रद्धालुओं को गुरद्वारा साहिब के दर्शन करने के लिए वीसा लेना पड़ता है। हालांकि गुरद्वारा डेरा बाबा नानक से करीब दो किलोमीटर की दूरी पर है और बीएसएफ की तरफ से बनाए गए कोरीडोर से साफ दर्शन हो जाते हैं। इस लिए वह पिछले करीब 208 महीनों से दोनों देशों की सरकारों को लिखित में मांग कर चुके हैं कि डेरा बाबा नानक से गुरद्वारा श्री करतारपुर साहिब तक एक कोरीडोर बनाया जाए, जिस से श्रद्धालु बिना वीसा लिए ही गुरुद्वारा के दर्शन करने के लिए जा सकें।
भारत-पाक सीमा पर बने दर्शन स्थल पर खड़े होकर अरदास करते हुए।