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पत्नी का इलाज डॉक्टर से नहीं कराने दिया, इसलिए पड़ोसी ने ही किया कत्ल

3 वर्ष पहले
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मौलीजागरां के उर्दू टीचर का डेराबस्सी में कत्ल हुआ था और शव घग्गर किनारे मिला था। इस मामले में मुबारिकपुर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। उर्दू टीचर का पड़ोसी ही उसका कातिल निकला। असल में उर्दू टीचर झाड़फूंक से इलाज भी करता था। झाड़फूंक इलाज के चलते ही उसका पड़ोसी अपनी बीबी का डॉक्टरी इलाज नहीं करवा सका था। जिससे उसकी बीबी ने ढाई महीने पहले ही दम तोड़ दिया था, लेकिन बाबा अब भी इलाज के बकाया 50 हजार रुपए की मांग पड़ोसी से कर रहा था। इससे तंग आकर पड़ोसी ने बाबा का मंगलवार रात कराली के पास पत्थरों से कत्ल कर शव घग्गर नदी में फेंक दिया।

रामगढ़ जाने की बात बोल घर से निकला था

मंगलवार रात साढ़े 7 बजे अनिशूर रहमान दोस्त के साथ रामगढ़ जाने की बात बोलकर घर से निकला था, परंतु वापस नहीं लौटा। पड़ोस में ही राजकुमार रहता था जो पेशे से मिस्त्री है। राजकुमार की प|ी बीमार रहती थी। वह इलाज के लिए अनिशूर को 30 हजार रुपए दे चुका था। अनिशूर ने बीबी का डॉक्टरी इलाज कराने से मना कर रखा था। इलाज के बावजूद जब प|ी ठीक नहीं हुई तो उसका देहांत हो गया। राजकुमार डॉक्टरी इलाज न कराने के लिए खुद को प|ी की मौत का गुनाहगार मानने लगा। राजकुमार के अनुसार अनिशूर ने मौत के बावजूद उससे 50 हजार रुपए मांगे। तंग आकर उसने अनिशूर को ठिकाने लगाने का प्लान बनाया।

घग्गर किनारे मिला था शव

पैसों का लालच देकर घग्गर किनारे ले गया था

15 मई की शाम पैसे देने का लालच देकर अनिशूर को अपने साथ बाइक पर चलने को कहा। राजकुमार और अनिशूर पीरमुछल्ला से होते हुए ककराली पहुंचे। राजकुमार ने अनिशूर पर पत्थरों से हमला किया और घग्गर नदी में फेंक दिया। वह अपनी बाइक वहीं छोड़ कर फरार हो गया। आरोपी को शनिवार कोर्ट में पेश किया और उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

सिटी रिपोर्टर | डेराबस्सी

मौलीजागरां के उर्दू टीचर का डेराबस्सी में कत्ल हुआ था और शव घग्गर किनारे मिला था। इस मामले में मुबारिकपुर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। उर्दू टीचर का पड़ोसी ही उसका कातिल निकला। असल में उर्दू टीचर झाड़फूंक से इलाज भी करता था। झाड़फूंक इलाज के चलते ही उसका पड़ोसी अपनी बीबी का डॉक्टरी इलाज नहीं करवा सका था। जिससे उसकी बीबी ने ढाई महीने पहले ही दम तोड़ दिया था, लेकिन बाबा अब भी इलाज के बकाया 50 हजार रुपए की मांग पड़ोसी से कर रहा था। इससे तंग आकर पड़ोसी ने बाबा का मंगलवार रात कराली के पास पत्थरों से कत्ल कर शव घग्गर नदी में फेंक दिया।

रामगढ़ जाने की बात बोल घर से निकला था

मंगलवार रात साढ़े 7 बजे अनिशूर रहमान दोस्त के साथ रामगढ़ जाने की बात बोलकर घर से निकला था, परंतु वापस नहीं लौटा। पड़ोस में ही राजकुमार रहता था जो पेशे से मिस्त्री है। राजकुमार की प|ी बीमार रहती थी। वह इलाज के लिए अनिशूर को 30 हजार रुपए दे चुका था। अनिशूर ने बीबी का डॉक्टरी इलाज कराने से मना कर रखा था। इलाज के बावजूद जब प|ी ठीक नहीं हुई तो उसका देहांत हो गया। राजकुमार डॉक्टरी इलाज न कराने के लिए खुद को प|ी की मौत का गुनाहगार मानने लगा। राजकुमार के अनुसार अनिशूर ने मौत के बावजूद उससे 50 हजार रुपए मांगे। तंग आकर उसने अनिशूर को ठिकाने लगाने का प्लान बनाया।

पुलिस को शव के बारे में सूचना ककराली निवासी एक व्यक्ति ने दी थी। लोगों की मदद से शव को घग्गर से बाहर निकाला था। मृतक के माथे, सिर के पीछे और छाती पर गंभीर चोट के निशान पाए गए थे व शव के पास से एक मोटरसाइकिल जिसका नंबर. एचआर03 एल- 5941 भी बरामद हुआ था। मौली जागरां वार्ड के एमसी अनिल कुमार दूबे ने बताया था कि मृतक को मोटरसाइकिल चलानी ही नहीं आती थी। पुलिस इसी को आधार मानकर जांच कर रही थी।

बेटी को फोन कर कहा था आधे घंटे में लौटूंगा...

मृतक 51 वर्षीय अनिशुर रहमान पुत्र नूर अली मौलीजागरां का रहने वाला था। अनिशुर उर्दू भी पढ़ाता था। रात साढ़े 4 बजे नमाज अदा करने के बाद किसी दोस्त के साथ रामगढ़ तक जाने की बात बोलकर घर से निकला था। उसने आधे घंटे में लौट आने की बात कही थी। करीब साढ़े 8 बजे मृतक ने अपनी बड़ी बेटी को फोन करके दोबारा आधे घंटे में घर वापस आने की बात कही थी, लेकिन वह घर नहीं पहुंचा।

अंधविश्वास में न पड़ें, सावधान रहें...

झाड़फूंक करने वालों के चक्कर में न पड़ें। क्योंकि यह लोग गुमराह कर सकते हैं। अगर कोई बीमारी हो तो झाड़फूंक करने वालों के पास जाने के बजाय डॉक्टर के पास लेकर जाएं ताकि मरीज का सही इलाज हो सके और उसकी जान बच जाए। आपके अंधविश्वास से आपके अपनों की जान भी जा सकती है। इसलिए इन लोगों से सावधान रहें।

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