अकाली सरकार के दौरान गमाडा की ओर से 10 साल पहले जो रिंग रोड तैयार करने का प्रस्ताव बनाया था, उसे कांग्रेस सरकार की आेर से आगे बढ़ाया गया है। पीआर-7 रिंग रोड काे मोहाली-खरड़ मार्ग से न्यू चंडीगढ़ तक से जोड़ने के लिए जमीन एक्वायर की ली गई है। गमाडा की आेर से इस 200 फुट चौड़े मार्ग के तैयार होने से न्यू चंडीगढ़ में जाने वाले ट्रैफिक को अब चंडीगढ़ से नहीं गुजरना पड़ेगा। इससे चंडीगढ़ में जहां ट्रैफिक का रश कम होगा, वहीं बद्दी से आने वाले वाहन चालकों को भी इस मार्ग के जरिये इंटरनेशनल एयरपोर्ट व जीरकपुर में आने-जाने के लिए आसानी होगी।
पीआर-7 रोड पीआर-4 पर जाकर मिलेगी: गमाडा की ओर से पीआर-7 रोड का निर्माण किया गया है। यह निर्माण कार्य जीरकपुर-डेराबस्सी मार्ग से लेकर मोहाली-खरड मार्ग तक कर दिया गया है, जिसे इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नाम से जाना जाता है। एयरपोर्ट को जाने वाले वाहन चालक अब चंडीगढ़ से नहीं, बल्कि इसी मार्ग से होकर निकलते हैं। अब इस मार्ग का खरड़-मोहाली मार्ग से लेकर न्यू चंडीगढ़ के पीआर-4 मार्ग तक का हिस्सा तैयार किया जाना है। गमाडा ने चंडीगढ़ से न्यू चंडीगढ़ को जोड़ने के लिए नया मार्ग पीआर-4 गांव तोगा से गांव बूथगढ़ तक कुराली-सिसवां मार्ग से बनाकर जोड़ा है। अब यह मार्ग पीआर-4 को मोहाली-खरड़ मार्ग से जोड़ेगा।
पीआर-4 मार्ग गमाडा के लिए अहम: गमाडा ने चंडीगढ़ के धनास की सीमा पर स्थित पंजाब के गांव तोगा से कुराली-सिसंवा मार्ग पर स्थित गांव बूथगढ़ तक 200 फुट चौड़ा करीब 7 किलोमीटर लंबा पीआर-4 मार्ग तैयार किया है, जिस पर वाहनों का अावागमन हो रहा है। इसे चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा सेक्टर-25 व धनास मार्ग से जोड़ा जाना है। इस मार्ग पर ही नया पीसीए स्टेडियम बन रहा है।
रिंग रोड से ट्राईसिटी के ट्रैफिक को रश फ्री करना है मकसद: पीआर(प्रपोज्ड रोड)-7 रिंग रोड बनाने का मकसद है कि ट्राईसिटी का पूरा ट्रैफिक इस रोड से बाहर से होते हुए मोहाली-चंडीगढ़- पंचकूला में जा सके। इससे तीनों शहरों के अंदर बिना बजह ट्रैफिक रश से निजात मिलेगी, इसलिए पीआर-7 रिंग रोड का प्लान पूर्व अकाली सरकार के दौरान गमाडा ने तैयार किया था, जिस पर चंडीगढ़-पंचकूला व मोहाली के अधिकारियों की बैठकें हुई थी।
250 करोड़ में 120 एकड़ जमीन एक्वायर: खरड़-मोहाली मार्ग पर स्थित वीआर पंजाब मॉल के पास नेशनल हाईवे अथाॅरिटी ने इस पीआर-7 मार्ग को रास्ता देने के लिए ओवरब्रिज पहले ही तैयार कर दिया है। इस ब्रिज के नीचे से पीआर-7 मार्ग निकल कर पीआर-4 को जाकर जुड़ेगा। करीब 8 किलोमीटर लंबा यह मार्ग न्यू सन्नी एन्क्लेव के बीच से होता हुआ नए कजौली वाॅटर वर्क्स ट्रीटमेंट प्लांट के पास से रानीमाजरा गांव के नजदीक पीआर-4 को जोड़ेगा। इस मार्ग के लिए गमाडा ने 120 एकड़ जमीन करीब 250 करोड़ रुपए में एक्वायर कर ली है।
जीरकपुर-डेराबस्सी मार्ग से मोहाली-खरड़ मार्ग तक पहले ही बन चुका है रोड
रिंग रोड पीआर-7 को लेकर 2010 में काम शुरू कर दिया गया था, जिसके तहत एयरपोर्ट का टर्मिनल मोहाली के गांव झयूरहेड़ी में बनने के चलते इसको कनेक्टिविटी के तौर पर यह मार्ग रिंग रोड के रूप में तैयार किया गया था। एयरपोर्ट के लिए गमाडा ने जीरकपुर-पटियाला मार्ग से लेकर इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंसेज का नया मार्ग करीब 200 करोड़ में तैयार किया गया था। इस इंस्टीट्यूट से आगे इंडस्ट्रियल एरिया फेज-8 तक के मार्ग को पहले ही चौड़ा कर दिया गया था। इसके आगे खरड़-मोहाली मार्ग के वीआर पंजाब मॉल तक का नया रोड बनाया गया है। अब आगे का रोड बनने से ट्रैफिक रश में बड़ी राहत मिलेगी।