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हाईवे से सटाकर ही लगा दिए बिजली के खंभे, राहगीरों के लिए खतरा

डेराबस्सी के नामी हाउसिंग प्रोजेक्ट एटीएस को नए फीडर रूपी सुविधा पहुंचाने के लिए लोगों की जान को खतरे में डाला जा...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 22, 2018, 02:00 AM IST

हाईवे से सटाकर ही लगा दिए बिजली के खंभे, राहगीरों के लिए खतरा
डेराबस्सी के नामी हाउसिंग प्रोजेक्ट एटीएस को नए फीडर रूपी सुविधा पहुंचाने के लिए लोगों की जान को खतरे में डाला जा रहा है। बरवाला स्टेट हाईवे के करीब दो किलोमीटर लंबे स्ट्रेच पर बिजली विभाग ने सड़क से सटाकर दर्जनों खंभे लगा दिए हैं। मेटल रोड से सटे ये खंभे जहां राहगीरों के लिए हादसे का गंभीर खतरा पैदा कर रहे हैं, वहीं स्टेट हाईवे की चौड़ाई भी पांच से दस फीट कम हो गई। इतना ही नहीं, इन खंभों के कारण भविष्य में इस सड़क को चौड़ा करने की संभावनाएं भी क्षीण हो गई हैं। स्टेट हाईवे पर फिलहाल दस मीटर की कारपेट रोड है। इस रोड पर दर्जनों उद्योग व बड़े रिहायशी प्रोजेक्ट हैं। इसे 120 फीट तक चौड़ा करने की पंजाब सरकार की प्रपोजल थी, परंतु दिसंबर 2016 के मास्टर प्लान में इसे 100 फीट रखा गया। नगर परिषद जो पहले 57 फीट जगह छोड़ नक्शे पास कर रही थी, अब 43 फीट छोड़कर ही नक्शे पास कर रही है। हाईवे पर ग्रीन बेल्ट की मास्टर प्लान में प्रपोजल है परंतु नगर परिषद, लोक निर्माण विभाग (सेंट्रल वर्क्स) और पावरकॉम में आपसी तालमेल की कमी से सड़क की चौड़ाई कम होती जा रही है, जबकि वाहनों की आवाजाही लगातार बढ़ती जा रही है।

टीएस प्रोजेक्ट को नई फीडर लाइन के लिए लगाए 180 पोल: गौरतलब है कि इस सड़क के किनारे खंभों की तीसरी समानांतर लाइन बिछाई गई है। 60 लाख की लागत से सैदपुरा मेन ग्रिड से एटीएस के नए प्रोजेक्ट के लिए नया फीडर मंजूर हुआ है। नए फीडर की ओवरहेड इंस्यूलेटेड केबल के लिए 180 खंभे लगाए गए हैं। करीब 50 फीसदी खंभे तो दस मीटर की कारपेटड सड़क से सटाकर लगा दिए गए हैं। जहां सड़क से सटाना नियमों के खिलाफ है, वहीं नए व पुराने खंभों के बीच कई जगह दस दस फीट की जगह बेकार छोड़ी गई है। सवाल है कि पुराने खंभों पर भी इंस्यूलेटेड केबल बिछाई जा सकती थी जिसे विभाग ने कंसीडर ही न हीं किया।

डेराबस्सी पावरकॉम के जूनियर इंजीनियर हरविंदर सिंह ने बताया कि शहर में पांच फीडर मंजूर हैं। इनमें दो शहर में और एक एटीएस में चल रहा है। दो नए फीडर जीबीपी और नए एटीएस के लिए लगने हैं। इन नए फीडर्स की मोटी केबल्स का बोझ उठाने में पुराने खंभे सक्षम नहीं हैं। इसलिए नए पोल लगाने पड़े हैं। जेई ने कहा कि जगह कम रही है। फिर भी कुछ खंभों को दोबारा सड़क से पीछे हटाकर लगाया जाएगा। पावरकॉम की लालडू डिवीजन के एक्सईएन आरके मित्तल ने कहा कि ठेकेदार को खंभे सड़क से दूर करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।

एटीएस प्रोजेक्ट को नई फीडर लाइन देने के लिए लगाए 180 पोल, सड़क की चौड़ाई हुई कम

इधर, नेशनल हाईवे भी तंग करने की तैयारी...

अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे पर डेराबस्सी फ्लाईओवर के नीचे सड़क अब डेढ़ फीट और तंग होने जा रही है। दरअसल, एटीएस हाउसिंग प्रोजेक्ट इस जगह से अपने लिए एक नया रास्ता बनाने जा रहा है। हालांकि प्रोजेक्ट कर्मियों का कहना है कि सड़क व ड्रेन तोड़ने के लिए उन्होंने परमिशन ली हुई है परंतु फोरलेन हाईवे की केयरटेकर कंपनी जीएमआर ने कहा कि ऐसी कोई परमिशन नहीं ली गई। एटीएस प्रोजेक्ट को हाईवे से पहले ही एक बड़ा रास्ता जाता है। अब उस रास्ते से पहले करीब 30 फीट का एक और रास्ता लेने की तैयारी की जा रही है। वीरवार को प्रोजेक्ट कर्मियों ने इस उद्देश्य से ड्रेन से डेढ़फीट पहले सड़क में ड्रिल मारकर गड्ढे भी कर दिए हैं। जीएमआर कंपनी के सीआरओ दीपक अरोड़ा ने कहा कि ऐसी कोई परमिशन किसी को नहीं दी गई है। अपनी पेट्रोलिंग टीम भेजकर जल्द ही इस काम को रोक दिया जाएगा।

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