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डेराबस्सी में ‘दूषित आबोहवा और नदी-नालों से फैल रहा कैंसर’

सामाजिक चिंतन करने वाले स्वयंसेवी संगठनों ने इलाके में पैर पसार रहे जानलेवा रोग कैंसर पर गंभीर चिंता जताई है।...

Danik Bhaskar | Jul 01, 2018, 02:00 AM IST
सामाजिक चिंतन करने वाले स्वयंसेवी संगठनों ने इलाके में पैर पसार रहे जानलेवा रोग कैंसर पर गंभीर चिंता जताई है। बीते महीने ही शहर में ही कैंसर ने एक महिला सहित पांच लोगों की जिंदगियां छीन ली। संगठनों का दावा है कि दूषित हो रही आबोहवा और भूमिगत जलस्रोत से ऐसी नौबत आ रही है। इन स्वयंसेवियों ने इलाके में कैंसर से हुई मौतें, इससे पीिड़त मरीजों व कारणों का पता लगाने के लिए सेहत विभाग समेत सरकार से एक व्यापक सर्वे कराने की मांग की है।

भारत विकास परिषद के प्रधान परमजीत रम्मी, सेवा भारती के अश्विनी जैन, लॉयंस क्लब के डॉ जीएस आनंद, ब्लॉक कांग्रेस के देहाती प्रधान हरभजन सिंह सैनी, जिला उपप्रधान गुरबख्श सिंह डांग, सनातन धर्म सभा के प्रधान सुशील व्यास, रोटरी क्लब के प्रधान गुरदीप चाहल समेत लोगों ने चिंता प्रकट की है। इन लोगों का दावा है कि जल्द ही राहत के उपाय न किए गए तो अाने वाली पीढ़ियांें को इस रोग का प्रकोप और भी अधिक झेलना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इलाके में जानलेवा रोग कैंसर तेजी से लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। अधेड़ उम्र के लोग इस रोग के सर्वाधिक शिकार हैं और इस बीमारी का ग्रास बनते जा रहे हैं। गला, फेफड़े व आंत में ट्यूमर युक्त कैंसर के अलावा चमड़ी रोग, दमा जैसी बीमारियां भी फैल रही हैं। उन्हाेंने कहा कि औद्योगिक प्रदूषण के कारण इलाके की आबोहवा जहरीली होती जा रही है, वहीं दूषित हो रहे भूमिगत जलस्रोतों के पानी का सेवन करने पर वह लोगों के लिए मीठे जहर का काम कर रहा है। स्वयंसेवियों ने उम्मीद जताई कि काहन सिंह पन्नू को पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के दोबारा चेयरमैन बनाए जाने से प्रदूषण की रोकथाम के उपाय सख्ती से लागू किए जाएंगे। पन्नू के पुराने कार्यकाल में न केवल इलाके नदी नालों के वाटर सैंपल चेक किए गए थे बल्कि प्रदूषण फैलाने वालों को पकड़ने पर दस हजार रु का ईनाम भी दिया जाने लगा था।


प्रदूषण कंट्राेल बोर्ड के एक्सईएन लवनीत दूबे के अनुसार उक्त हलके के नदी-नालों के प्रदूषण चेक कर उनकी साफ सफाई की जा रही है। दशकों पुराने झरमली नाले को बदबू व प्रदूषण मुक्त बना दिया गया है जबकि डेराबस्सी के नाले में जेसीबी लगाकर काली सिल्ट हटाई जा रही है। इसके अलावा उद्योगों में प्रदूषण रोकथाम उपाय अमल में लाना यकीनी बनाया जा रहा है। बोर्ड के चेयरमैन काहन सिंह पन्न्ू के अलावा पर्यावरण मंत्री ओपी सोनी भी प्रदूषण को लेकर जरूरी उपाय लागू करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे। प्रदूषण रोकने के लिए हर तरह के उपाय किए जाएंगे।