• Home
  • Chandigarh Zilla
  • Mohali
  • Dera Bassi
  • प्रोड्यूसर से धोखाधड़ी पर मॉडल भगौड़ा करार, 28 लाख रुपए के चार चेक बाउंस
--Advertisement--

प्रोड्यूसर से धोखाधड़ी पर मॉडल भगौड़ा करार, 28 लाख रुपए के चार चेक बाउंस

पंजाबी फिल्म निर्माता के साथ 28 लाख की धोखाधड़ी के आरोप में पंचकूला कोर्ट ने डेराबस्सी के गांव भांखरपुर के एक मॉडल को...

Danik Bhaskar | Jul 14, 2018, 02:00 AM IST
पंजाबी फिल्म निर्माता के साथ 28 लाख की धोखाधड़ी के आरोप में पंचकूला कोर्ट ने डेराबस्सी के गांव भांखरपुर के एक मॉडल को भगोड़ा करार दिया है। भांखरपुर के परमिंदर सिंह उर्फ गोरखी ने फिल्म निर्माता जगमाल मान को उक्त राशि के चार चेक जारी किए थे, जो तीन साल पहले बैंक में बाउंस हो गए थे। कोर्ट ने आरोपी के पेश न होने पर चारों केस में भगौड़ा करार दिया है।

प्रेस क्लब सबडिवीजन कार्यालय में दस्तावेजों सहित शिकायतकर्ता जगमाल सिंह मान ने बताया कि मॉडल परमिंदर सिंह सैनी उर्फ गोरखी ने कई पंजाबी गीतों में मुख्य किरदार निभाए हैं। इसी वजह से वह गोरखी के संपर्क में आए। वह खुद को प्राॅपर्टी कारोबारी भी बताता था। उसने खुद को भांखरपुर हाईवे पर 2000 गज जमीन का मालिक बताकर 1.40 करोड़ रुपए में से उनसे जमीन का बयाना 28 लाख रुपए में जुबानी कर लिया। यह पैसा गोरखी को कैश दिया गया, परंतु दस्तावेज देखने पर सारा भेद खुल गया। जगमाल के अनुसार वह साल भर पैसा मांगते रहे। करीब डेढ़ साल बाद गोरखी ने अलग अलग राशि के 4 चेक 28 लाख रुपए के उनके नाम जारी किए। चारों चेक बैंक में बाउंस हो गए। सूचित करने के बावजूद गोरखी ने कोई परवाह नहीं की। इस पर दोबारा चेक लगाए गए जो फिर बाउंस हो गए। इसी आधार पर उन्होंने पंचकूला कोर्ट में केस दायर कर दिया। जगमाल के अनुसार गोरखी कभी कोर्ट में पेश नहीं हुआ और अंतत: 26 मई को कोर्ट ने चारों केसों में जगमाल को भगोड़ा घोषित कर दिया। कोर्ट के उक्त ऑर्डर गोरखी समेत मुबारिकपुर पुलिस को भी तामील करा दिए गए हैं। जगमाल ने यह भी आरोप लगाया कि गोरखी ने और भी कई लोगों के साथ धोखाधड़ी की हुई है। इस बाबत मुबारिकपुर पुलिस के इंचार्ज ने कहा कि भगोड़ा संबंधी कोर्ट के ऑर्डर उन्हें मिल चुके हैं और गोरखी को गिरफ्तार करने की कोशिश जारी है। उधर, गोरखी ने कहा कि उसका जगमाल से पैसों के लेनदेन को लेकर केस चल रहा है। जब पूछा कि उसे भगोड़ा घोषित कर दिया गया है, गोरखी ने कहा कि उसे पीओ संबंधी ऑर्डर्स बारे कुछ नहीं पता।