पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • चुनाव के लिए एक महीने बाद लौटे पार्षद फिर हिमाचल दर्शन के लिए रवाना

चुनाव के लिए एक महीने बाद लौटे पार्षद फिर हिमाचल दर्शन के लिए रवाना

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
27 महीने से लंबित लालड़ू नगर परिषद उपप्रधान के चुनाव बुधवार को फिर ऐन मौके पर पोस्टपाेन कर दिए गए। एक महीने में ये चुनाव दूसरी बार पोस्टपोन हुए हैं, जिसकी वजह फिर एसडीएम का अवकाश रहा। एनके शर्मा ने इसे लोकतंत्र की हत्या करार देते हुए आरोप लगाया कि हाईकोर्ट के निर्देशों के बावजूद सरकार जानबूझ कर चुनाव टाल रही है, जबकि उनके साथ 17 में से 9 पार्षदों का बहुमत है। एनके शर्मा बाकायदा उनके साथ पेश भी हुए, जबकि विरोधी कांग्रेस गुट के सभी पार्षद फिर नदारद रहे।

उपप्रधान चुनाव के लिए पहले 16 अप्रैल की तारीख रखी गई थी, जो ऐन मौके पोस्टपोन कर दी गई। ठीक एक महीने बाद बुधवार को चुनावी बैठक फिर सुबह 11 बजे परिषद कार्यालय में रखी गई, जिसके लिए डीसी द्वारा एसडीएम को कन्वीनर नियुक्त किया गया। शर्मा अपने समर्थक पार्षदों के साथ पूरी तैयारी के साथ सुबह साढ़े दस बजे कार्यालय पहुंचे, परंतु ईओ हरबख्श सिंह ने 11 बजे चुनाव मुल्तवी होने की मौजूद पार्षदों समेत उन्हें सूचना दी। इसमें डेराबस्सी के एसडीएम की अचानक तबीयत बिगड़ना वजह बताई गई। दूसरी ओर, कांग्रेस समर्थक कोई पार्षद बैठक में नहीं पहुंचा, जिन्हें चुनाव मुल्तवी होने की सूचना पहले ही दी जा चुकी थी। शर्मा ने विरोध जताया कि एेन मौके पर दो बार अफसर छुट्‌टी पर होने की वजह बताकर चुनाव पोस्टपोन किए गए हैं। इस बारे में बात करने के लिए डीसी ने फोन नहीं उठाया, जबकि एसडीएम का फोन स्विच ऑफ रहा। ईओ हरबख्श ने कहा कि अगली डेट तय होने पर सूचना दे दी जाएगी।

हाईकोर्ट के निर्देश पर तय हुई थी चुनाव की तारीख: एनके शर्मा ने बताया कि उनके पार्षदों की याचिका पर हाईकोर्ट ने सरकार को नोटिस ऑफ मोशन जारी किया था, जिसके बाद 16 अप्रैल को चुनावी बैठक पोस्टपोन हो गई। 18 अप्रैल को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने 4 हफ्ते के भीतर फिर चुनाव कराने के निर्देश दिए, जिसकी अंतिम तिथि 16 मई तय की गई, परंतु चुनाव फिर ऐन मौके पर पोस्टपोन कर दिए गए। वे इसके कंटेप्ट ऑफ कोर्ट का मामला दायर कर एसडीएम व डीसी को इसमें पार्टी बनाएंगे। एनके शर्मा ने आरोप लगाया कि उनके पार्षदों पर पुलिस प्रशासन का अनुचित दबाव बनाने के बावजूद कांग्रेस निर्णायक बहुमत नहीं जुटा सकती। लालड़ू नगर परिषद में प्रधान पर केस दर्ज, इसके आधार पर उसे सस्पेंड कर और कई पार्षदों का दलबदल कराकर भी कांग्रेस अपने मंसूबों में अभी तक कामयाब नहीं हो सकी है।

डेराबस्सी के एसडीएम की अचानक तबीयत बिगड़ना बताई गई वजह

जोड़तोड़ से बचने के लिए डेढ़ महीने से हिमाचल दर्शन पर हैं शर्मा समर्थक पार्षद

नारेबाजी की: शर्मा ने कहा कि हाईकोर्ट के निर्देश के बावजूद अफसर के छुट्‌टी पर होने की वजह बताकर चुनाव जानबूझ कर पोस्टपोन किए जा रहे हैं। इस पर वो कंटेप्ट ऑफ कोर्ट का मामला दायर कर एसडीएम व डीसी को पार्टी बनाएंगे। चुनाव पोस्टपोन करने के विरोध में पार्षदों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की।

जोड़तोड़ से बचने के लिए एनके शर्मा समर्थक पार्षद पिछले डेढ़ महीने से अपने घरों से दूर हिमाचल दर्शन कर रहे हैं। बुधवार को चुनाव के लिए अकाली भाजपा समर्थकों की मौजूदगी में एनके शर्मा उन्हें अपने साथ लेकर कड़ी सुरक्षा में लालड़ू पहुंचे। शर्मा के साथ प्रधान बुल्लु राणा व पार्षदों में गुरमीत सिंह, बलकार रंगी, भूपिंदर राठौड़, पवन कुमार, रघुबीर जुनेजा, सुशील कुमार व मनजीत कौर मौजूद थे। चुनाव पोस्टपोन जरूर कर दिए गए, परंतु अगली डेट मुकर्रर नहीं की गई। इस पर अकाली भाजपा समर्थकों ने पंजाब सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इससे पहले वे 16 अप्रैल को हिमाचल से लौटे थे, लेकिन चुनाव पोस्टपोन होने पर उसी दिन फिर हिमाचल चले गए थे। अब एक महीने बाद लौटे पार्षद एक घंटा इंतजार के बाद फिर हिमाचल प्रदेश में अज्ञात जगह रवाना हो गए। साल 2015 में अकाली दल के 8, भाजपा के दो व 7 प्रत्याशी आजाद जीते थे, परंतु बाद में सभी ने अकाली दल को समर्थन दे दिया था। सरकार बदलने के बाद एक अकाली पार्षद रूप सिंह राणा इस्तीफा दे गए, जबकि आठ पार्षद कांग्रेसी खेमे में चले गए। एनके शर्मा खेमे में भी आठ पार्षद हैं और नौवीं वोट बतौर एमएलए खुद उनकी है। भाजपा के जिला प्रधान एवं पार्षद सुशील राणा ही उपप्रधान पद के दावेदार हैं।

खबरें और भी हैं...