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परिवार मिलन उत्सव में दिखा हिमाचली कल्चर, नाटियों की परफॉर्मेंस दी

3 वर्ष पहले
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डेराबस्सी में हिमाचल भाइचारे समेत स्थानीय लोगों ने हिमाचल के परंपरागत विरसे से जुड़ी पहाड़ी नाटियों का भरपूर आनंद लिया। हिमाचली कल्याणकारी सभा आयोजित वार्षिक परिवार मिलन उत्सव पर रंगारंग कार्यक्रम की स्टार आकर्षण हिमाचल की मशहूर गायिका गीता भारद्वाज व उनका ग्रुप रहा। गीता ग्रुप के हिमाचली गीतों और पारंपरिक परिधानों में सजे नृत्य कलाकारों ने स्थानीय दर्शकों में समां बांधा। पंजाब कांग्रेस के प्रदेश सचिव दीपइंदर ढ़िल्लों बतौर मुख्य मेहमान मौजूद थे। डेराबस्सी के राम मंदिर सभागार कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना से स्थानीय कलाकार महक राणा द्वारा की गई। गीता भारद्वाज ने हिमाचल विरसे से जुड़े गीत ही गाए। रांझणा तेरे बिना....., चाहे हां करदे चाहे न करदे......, बागो री बिकरिये..., बिंदु नीलू दो सखियां....आदि गीतों पर नृत्य के जरिए कलाकारों ने मानो हिमाचली संस्कृति को डेराबस्सी में ही उतार दिया हो। दीपइंद्र सिंह ढिल्लों ने कहा कि हिमाचल महापंजाब का अटूट हिस्सा है और पंजाब से उसका सदियों पुराना विरसा आज भी मेल खाता है। हिमाचल के लोग सीधे साधे हाेते हैं जबकि पहाड़ के कठिन जीवन ने मेहनत उन्हें वरदान के रुप में दी है। ढिल्लों ने आयोजकों समेत कलाकारों को स्मृति चिन्ह देकर सन्मानित किया और अपनी ओर से 21 हजार रु की वित्तीय मदद का ऐलान किया। विशेष मेहमान रणजीत रेडी ने 11 हजार रु का योगदान दिया जबकि सोनू सेठी ने भी लतीफों समेत अपनी गायकी के जौहर दिखाए। आयोजकों में युद्धबीर सिंह, ओम प्रकाश, मनीष अरोड़ा, कृष्ण रावत, सुनील गौतम, बलबीर सिंह और दलजीत शर्मा अादि मौजूद थे।

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