चार गांवों के कई किसानों की 19 एकड़ में खड़ी फसल और 18 एकड़ नाड़ जली
डेराबस्सी हलके के तहत ककराली, मोरठीकरी, बिजनपुर, मियांपुर और भगवासी के खेतों में आग लगने से करीब 19 एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल और 18 एकड़ नाड़ जलकर राख हो गई। डेराबस्सी दमकल विभाग के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया और आग को फैलने से बचा लिया।
गांव ककराली मोरठीकरी में गेहूं की फसल को रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे आग लगी, जबकि दूसरे गांव के खेतों में आग करीब 3:45 बजे लगी। आग का कारण बिजली की ढीली तारों के आपस में टकराने के कारण निकली चिंगारियां बताई जा रही है। सभी किसानों ने फसल के अवशेष से तूड़ी बनानी थी। ककराली मोरठीकरी में आग बुझाने के लिए पानी की एक और मियांपुर आदि में दो गाड़ियों का उपयोग किया गया। ककराली मोरठीकरी में गुरनाम सिंह की साढ़े चार एकड़ खेतों में खड़ी गेहूं की फसल, जरनैल सिंह की डेढ़ एकड़ फसल अवशेष और गुरमीत सिंह की 4 एकड़ फसल जलकर राख हो गई। इसी प्रकार गांव मियांपुर के संदीप कुमार और संजू पुत्र हेमराज की 5 एकड़ गेहूं की फसल, रामकुमार पुत्र रसाल की 3 एकड़ फसल अवशेष, बलबीर पुत्र रसाल की एक एकड़ गेहूं की फसल व अवशेष, गांव भगवासी के महिपाल पुत्र कूड़ा राम की 2 एकड़ गेहूं की फसल, अभिषेक पुत्र कुंभकरण की एक एकड़ गेहूं की फसल और 1 एकड़ अवशेष, संजीव मेहता कि 4 एकड़ फसल अवशेष और गांव बिजनपुर के प्रमोद कुमार की 8 एकड़ फसल अवशेष के अलावा ज्ञानचंद की 5 एकड़ फसल अवशेष जलकर स्वाहा हो गई। आग बुझाने वाले दल में सब फायर अफसर बलजीत सिंह और कोर सिंह, डीओ सुखदेव सिंह, डीओ जसवीर सिंह समेत फायरमैन शामिल थे।
डेढ़ एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल को लगी आग
सिटी रिपोर्टर | जीरकपुर
रविवार को जीरकपुर के गांव नाभा साहिब के पास बिजली की तारों में शार्ट सर्किट के चलते एक किसान की डेढ़ एकड़ में खड़ी फसल व 4 एकड़ गेहंू की नाड़ जल गई।
खुद ही आग बुझाने की कोशिश में किसान को फायर ब्रिगेड को फोन करने का समय ही नहीं मिला। फायर बिग्रेड के आने तक ग्रामीणों ने आग तो बुझा ली पर तब तक काफी नुकसान हो चुका था। ठेके पर जमीन ले खेती कर रहे पीड़ित किसान अवतार सिंह ने कहा कि अगर उसे सरकार मुआवजा देगी तो ही उसकी क्षति पूरी हेागी। आग लगभग पांच बजे लगी। हवा चलने के कारण आग बढ़ती चली गई। आग को बुझाने के लिए ग्रामीणों ने लगातार प्रयास शुरू कर दिए। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। आग का कारण बिजली की तारों में शार्ट सर्किट बताया जा रहा है। पीड़ित किसान ने कहा कि वह 35 हजार रुपए प्रति एकड़ पर ठेके पर जमीन लेकर खेती कर रहा था।