डेराबस्सी

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डेराबस्सी की मीनाक्षी फेमिना मिस इंडिया में रहीं रनरअप

फेमिना मिस इंडिया काॅन्टेस्ट में पहली उपविजेता रही मीनाक्षी चौधरी के डेराबस्सी हलके में उनके पैतृक गांव हरिपुर...

Danik Bhaskar

Jul 03, 2018, 02:05 AM IST
फेमिना मिस इंडिया काॅन्टेस्ट में पहली उपविजेता रही मीनाक्षी चौधरी के डेराबस्सी हलके में उनके पैतृक गांव हरिपुर हिंदुआ लौटने पर लोगों ने जोरदार स्वागत किया। डेराबस्सी हलके में उनका पैतृक गांव हरिपुर हिंदुआ है, जबकि उनकी मां चार किमी दूर खेड़ी गुज्जरां की हैं। इस नाते 21 वर्षीय मीनाक्षी के दादके व नानके इसी हलके से हैं, लेकिन मीनाक्षी गांव में बहुत कम रही हैं। उसके पिता 1989 में फौज में भर्ती हुए थे और 1996 में जन्म के बाद से मीनाक्षी की पढ़ाई समेत बचपन फौज के माहौल में बीता। ओपन रूफ वाली कार में सवार मीनाक्षी व उनकी मां लोगों का हाथ हिलाकर अभिवादन कर रहीं थी। जबकि आगे युवकों की टोलियां व ट्रक में गांव के लोग सवार थे।

मीनाक्षी चौधरी का गांव हरिपुर हिंदुआ लौटने पर जोरदार स्वागत, मॉडलिंग के अलावा स्टेट लेवल की बैडमिंटन प्लेयर भी हैं

डेंटल साइंस की पढ़ाई भी कर रही हैं मीनाक्षी...

मीनाक्षी ने बताया परिवार, रिश्तेदार व गांववालों की दुआओं से वह मिस इंडिया कॉन्टेस्ट में हिस्सा लेकर उपविजेता बनी। उनके पिता ब्यूटी कॉन्टेस्ट, मॉडलिंग व खेलों में उसे प्रमोट करते थे। यह पूछने पर अब आगे क्या लक्ष्य है, मीनाक्षी ने कहा कि वह मॉडलिंग के साथ डेंटल साइंस की पढ़ाई भी जारी रखेंगी। डॉक्टर बनकर गांव के लोगों की सेवा करना चाहती हूं। मीनाक्षी के पिता कर्नल बीएस चौधरी का फरवरी में ब्रेन ट्यूमर के कारण इस साल देहांत हो गया था। मॉडलिंग के आलवा वह स्टेट लेवल पर बैडमिंटन खेल चुकी हैं और अच्छी तैराक भी हैं।

महिलाओं के लिए एक मिसाल- मीनाक्षी ने ब्यूटी कॉन्टेस्ट में हिस्सा लेकर महिलाओं के समक्ष अभूतपूर्व मिसाल पेश की है। मीनाक्षी ने उन तमाम महिलाओं से अपील की है कि आगे बढ़ने का सम्मानजनक अवसर मिले तो पर्दारस्म की मोहताज न रहें।

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