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डेराबस्सी में लीगल एंड मेगा लीगल कैंप 21 जुलाई से, लोकअदालत 14 को

डेराबस्सी कोर्ट परिसर में पौधा लगाते हुए मोहाली की सेशन जज अर्चना पुरी व अन्य। सिटी रिपोर्टर | डेराबस्सी ...

Danik Bhaskar | Jul 12, 2018, 02:05 AM IST
डेराबस्सी कोर्ट परिसर में पौधा लगाते हुए मोहाली की सेशन जज अर्चना पुरी व अन्य।

सिटी रिपोर्टर | डेराबस्सी

मोहाली की सेशन जज अर्चना पुरी ने दावा किया है कि पंजाब कानूनी सेवाएं अथाॅरिटी के तहत खोले जा रहे लीगल एंड क्लीनिक, गरीब तबके के लोगों के लिए कानूनी सहायता में वरदान साबित हो रहे हैं। जहां कानूनी सलाह व मदद कहीं कम खर्च में सुलभ है। वहीं, जनहित उपयोगी सेवाओं के केसों का निपटारा कहीं कम समय में होने लगा है। जस्टिस पुरी डेराबस्सी कोर्ट परिसर में मीडिया को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने बताया कि जिला कानूनी सेवाएं अथाॅरिटी द्वारा 21 जुलाई को कंट्री साइट पैलेस, डेराबस्सी में हल्का स्तरीय मेगा लीगल कैंप लगाया जाएगा। इसके अलावा केसों के मौके पर निपटारों के लिए एसडीजेएम कोर्ट डेराबस्सी में 14 जुलाई को लोकअदालत भी लगाई जा रही हैं।

जस्टिस पुरी ने कहा कि लीगल एड सुविधा व लोक अदालतों के मुख्य तौर पर दो उद्देश्य हैं। पहला है कि कोई भी व्यक्ति कानूनी प्रतिनिधित्व की सुविधा से वंचित न रहे, जबकि दूसरे के तहत सिविल केसों के निपटारों में तेजी लाई जाए। कैंप में सरकार की कल्याणकारी योजनाओं, लेबर, पेंशन, स्टेबल बर्निंग, शगुन आदि से जुड़े मसलों पर जागरुकता के अलावा उन्हें तमाम कानूनी मदद मुहैया कराई जाएगी। आम अदालतों की तुलना में लोक अदालतों की केस डिस्पोजल औसत लगभग तीन गुना है। इसके तहत जन उपयोगी सेवाओं में बीमा, बैंकिंग, सरकारी कल्याण योजनाएं, कुदरती साधनों की सुरक्षा, पानी व सीवरेज, सफाई, आवाजाही, बिजली, टेलिफोन, डाकतार व हॉस्पिटल आदि से जुड़ी शिकायतें शामिल हैं। इससे पहले उन्होंने कोर्ट परिसर में पौधे भी लगाए। इस मौके पर चीफ ज्युडिशियल मजिस्ट्रेट मोनिका लांबा, सीनियर जज बलजिंदर कौर धालीवाल, एसडीएम परमजीत सिंह व बार एसोसिएशन के प्रधान एडवोकेट विक्रांत, पूर्व प्रधान मुकेश गांधी व जसबीर चौहान भी मौजूद थे।


जिला एंड सेशन जज हरप्रीत कौर ने बताया कि हलके में इस समय 70 लीगल एड क्लीनिक व लीगल लिटरेसी क्लब शहरों, गांवों व स्कूल कॉलेजों में चल रहे हैं। हरप्रीत कौर ने बताया कि पूरे पंजाब में लीगल एंड के 62 फंटल ऑफिस हैं। जहां हमेशा कानूनी 542 लीगल एड क्लीनिक हैं। जहां काम के मुताबिक हफ्ते में दो से चार दिनों तक कानूनी सहायता मुफ्त दी जाती है। इसके अलावा 2260 लीगल लिटरेसी क्लब हैं, जो स्कूल कॉलेज्स में चल रहे हैं। इन क्लीनिक्स व क्लब्स पर 1631 वकीलों का पैनल कानूनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। इसके अलावा सभी 22 जिलों के हेडक्वाटर्स पर मीडिएशन सेंटर अलग से सेवाएं दे रहे हैं। भास्कर द्वारा पूछने पर कि लीगल क्लीनिक व क्लब की तुलना में वकीलों की संख्या काफी कम है। वकीलों द्वारा स्वेच्छा से इस काम में आगे न आने के पीछे कम मेहनताना क्या वजह नहीं? हरप्रीत कौर ने कहा कि वकीलों को भी मोटिवेट किया जा रहा है।