मुकुल रोहतगी लोकपाल नियुक्ति पैनल में शामिल
एजेंसी|नई दिल्ली . केंद्र सरकार ने लोकपाल की नियुक्ति के लिए सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी को कानून विशेषज्ञ के रूप में लोकपाल चयन समिति में शामिल किया है। अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी की अध्यक्षता में 11 मई को हुई बैठक में यह फैसला किया गया। लोकपाल चयन समिति में कानून विशेषज्ञ का पद 11 सितंबर 2017 को एडवोकेट पीपी राव के निधन के बाद से ही खाली था।
मई 2014 में नरेंद्र मोदी सरकार बनने के बाद अटॉर्नी जरनल बनाए गए रोहतगी ने जून 2017 में पद से इस्तीफा दे दिया था। लोकपाल के चयन में देरी को लेकर सुनवाई कर रहे सुप्रीम कोर्ट ने इसकी अगली तारीख दो जुलाई तय की है। इस मामले में अप्रैल में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि हमें उम्मीद है कि सरकार जल्द ही लोकपाल की नियुक्ति करेगी। केंद्र की ओर से अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा था कि चयन समिति में न्यायविद की नियुक्ति के लिए प्रक्रिया जारी है। एनजीअो कॉमन कॉज की ओर से प्रशांत भूषण ने कोर्ट की अवमानना की याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के 27 अप्रैल 2017 के आदेश के बावजूद सरकार लोकपाल की नियुक्ति लटका रही है, जो कोर्ट की अवमानना है। लोकपाल चयन समिति में प्रधानमंत्री, सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस, लोकसभा अध्यक्ष, लोकसभा में सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी का नेता और एक कानून विशेषज्ञ शामिल होता है।