पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • पुरनापानी में बने आधे शौचालय बैठक में हंगामा तो भागे सचिव

पुरनापानी में बने आधे शौचालय बैठक में हंगामा तो भागे सचिव

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
आधे शौचालय अधूरे होने के बाद भी ग्राम पंचायत पुरनापानी को ओडीएफ घोषित कर दिया गया। निर्माण पूरा कराने शनिवार को आयोजित ग्राम सभा में हंगामा हुआ तो सभा छोड़ कर पंचायत सचिव भाग खड़े हुए। ग्रामीणों ने कहा कि निर्माण पूरा करें या तो ओडीएफ निरस्त हो, तभी ग्राम सभा होगी।

बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती पर पुरनापानी पंचायत में भी विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया गया। बैठक में जयंती मनाने की औपचारिकता पूरी करने के बाद उपसरपंच सुशील निधि ने ओडीएफ का मामला सभा में उठाते हुए पंचायत सचिव फूलचंद से पूर्ण शौचालय की जानकारी मांगी। जवाब में पंचायत ने शत-प्रतिशत निर्माण के बाद ओडीएफ घोषित होने की जानकारी दी। यह सुनते हुए बैठक में मौजूद ग्रामीण बैस्टव, भुवन, जयराम, जय सिंह, ताम्रिक, कुर्तिराम समेत लगभग 50 लोगों ने हंगामा किया। चिल्ला-चिल्ला कर कहा कि हमारा तो शौचालय शुरू ही नहीं हुआ है।

364 शौचालय बनाने थे पर 180 ही बने : उपसरपंच ने कहा कि 364 शौचालय बनने थे, 180 पूर्ण हैं, जबकि सभी शौचालय की 70 फीसदी राशि आहरण हो चुका है, फिर शौचालय निर्माण करने वाले मजदूरों का भुगतान क्यों रोका गया है। इसके अलावा मनरेगा के लंबित भुगतान और चार महीने का पेंशन भुगतान की जानकारी भी चाही। झल्लाए पंचायत सचिव सभा छोड़ कर भाग गए।

मारपीट व जबरदस्ती भुगतान का आरोप
ओडीएफ मामले में पंचायत सचिव फूलचंद ने कहा कि पंचायत से गलत तरीके से भुगतान कराने उपसरपंच द्वारा दबाव बनाया जाता है। मेरे साथ मारपीट भी की गई है, जिसकी शिकायत थाने में दर्ज है। जमीन विवाद को लेकर कुछेक का शौचालय का निर्माण कार्य नहीं हो सका, जो उच्चाधिकारियों की जानकारी में है। कोई भी भुगतान लंबित नहीं है।

ओडीएफ निरस्त की मांग

मौजूद सरपंच वेदमति ध्रुवा को उप सरपंच समेत ग्रामीणों ने कह दिया है कि या तो अधूरे पड़े शौचालय को पूरा करें या फिर ओडीएफ को निरस्त किया जाए। इसका प्रस्ताव पारित भी किया गया है। उपसरपंच निधि ने कहा कि सोमवार को कार्यालयीन समय में एसडीएम और जनपद सीईओ को मामले से अवगत करा कर उचित कार्रवाई करने की मांग करेंगे।

खबरें और भी हैं...