चलनापदर डायवर्सन के लिए सिंचाई विभाग ने चार साल पहले 28 किसानों का कृषि भूमि अधिग्रहित की थी, लेकिन मंत्री के निर्देश के डेढ़ महीने बाद भी उन्हें अब तक मुआवजा नहीं दिया गया है। सोमवार को परेशान किसानों ने एसडीएम से मुआवजा दिलाने की गुहार लगाई।
पीड़ित किसान मेघराम बघेल, यदुनाथ नेताम, गोवर्धन ध्रुवा, हकिकराम, भगतराम, फाल्गुनी यादव के साथ प्रतिनिधि मंडल एसडीएम निर्भय साहू के समक्ष पहुंचकर फिर से ज्ञापन देकर मुआवजा देने की मांग की। ज्ञापन के बाद एसडीएम ने किसानों को बताया कि प्रक्रिया लगभग पूरी हो गई है। 15 दिनो के भीतर चेक से भुगतान किया जाएगा।
ज्ञात हो कि 2013 में डोकरेल नाला पर चलनापदर व्यपवर्तन की स्वीकृति मिली थी। नहर नाली बनाने के लिए सिंचाई विभाग ने गोहरापदर, चलनापदर, बरबहली के 28 किसानों की करीब 6 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया था। 2014 में अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी करने के बाद मुआवजे का अतापता नहीं चला है। 2015 के बाद से किसान लगातार इलाके के जनप्रतिनिधि के अलावा सरकार के सुराज अभियान में लगातार गुहार लगा रहे। डेढ़ महीने पहले छैलडोंगरी पहुंचे जिले के प्रभारी मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के सामने भी किसानों ने समस्या रखी थी।
तब मंत्री अग्रवाल ने राजस्व विभाग के अफसरों को जल्द कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसपर अफसरों ने पखवाड़ेभर में भुगतान करने की हामी भरी थी, लेकिन डेढ़ माह बीतने के बाद भी समस्या का निदान नहीं हुआ है।
देवभोग. मुआवजे के लिए एसडीएम को ज्ञापन सौंपते हुए पीड़ित किसान।