प्रदेश स्वास्थ्य मितानिन संघ के बैनर तले चल रहे अनिश्चित कालीन धरना में पहुंचना अनिवार्य करने के कारण वनांचल के दुरूस्त गांवों से मितानिन पहुंच रही है। रविवार को दसवें दिन कसही की मितानिन अपने चार माह के बच्ची के साथ धरना दे रही थी। मितानिन ने बताया कि संघ के साथ रहना है हमारी मांगे है। धरना में 574 मितानिन, 22 मितानिन प्रशिक्षक, 4 ब्लाॅक समन्वयक व हेल्प डेस्क प्रभारी शामिल है।
जिला पंचायत अध्यक्ष देवलाल ठाकुर रविवार को पंडाल स्थल पर पहुंचकर मितानिन संघ की मांगों का समर्थन करते हुए सरकार से समान काम समान वेतन की मांग की। उन्होंने नारी शक्ति का अहसास दिलाते हुए नारों से धरना स्थल में हुंकार भरी। उन्होंने कहा कि सरकार उन सभी कर्मचारियों को जो कम वेतन व मानदेय में कार्यरत है उन्हें न्यूनतम मजदूरी का भुगतान भी नहीं कर रही है। कम वेतन में कार्यरत मितानिन के साथ-साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, रसोइया, स्कूलों के स्वीपर को सम्मानजनक वेतन का लाभ दिया जाए। जिससे छोटे कर्मचारी अपने परिवार का भरण पोषण कर सके। मितानिन के धरना स्थल पर पूर्व विधायक जनकलाल ठाकुर, जनपद अध्यक्ष चंद्रप्रभा सुधाकर, उपाध्यक्ष दुष्यंतगिरी, जिला संरपंच संघ के उपाध्यक्ष केशव शर्मा व आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता ने पहुंच कर समर्थन दिया।
चिलचिलाती धूप में मितानिन अपने दुधमुंहे बच्चा लेकर पहुंची हड़ताल में, जिपं अध्यक्ष ने किया समर्थन
देवरीबंगला. धरना स्थल पर बच्चों को दूध पिलाती मितानिन।
आज रायपुर में महारैली और धरना: संघ की जिला अध्यक्ष शोभा शर्मा ने बताया कि आंदोलन का विस्तार करते हुए सोमवार को 146 विकासखंड की 80 हजार मितानिन राजधानी में धरना देकर महारैली निकालेगी। 22 मई से प्रत्येक दिन एक-एक जिले की मितानिन रायपुर में धरना देगी। ब्लाॅक स्तर पर धरना स्थगित किया गया है।