विश्वकर्मा समाज संगठन धामनोद ने खलघाट स्थित मां नर्मदा के तट पर सफाई अभियान चलाया। श्मशान घाट पर नर्मदा में पड़े पुराने कपड़े-साड़ियां, भगवान की तस्वीरें, कचरे की गाद और शवदाह की अधजली लकड़ी पानी से बाहर की। अमावस्या व पूर्णिमा पर भी सफाई कर सदस्य लोगों को साबुन व शैम्पू का उपयोग नहीं कर कचरा नहीं फेंकने की अपील करते हैं।
संगठन के नंदकिशोर कर्मा ने बताया समाजजन हर अमावस्या व पूर्णिमा पर निर्बाध रूप से यह सेवा कर रहे है। भविष्य में भी यह मिशन इसी प्रकार इस ऊर्जा के साथ जारी रहेगा। आम जन से समाज की विनम्र अपील है कि अवांछित वस्तुएं नर्मदा जल में न डालकर तट पर ही एकत्र कर जला दिया जाए। समाजसेवी धीरज सिंह चौहान ने बताया ऐसी अनेक संस्थाएं मां नर्मदा की सफाई का कार्य अपने स्तर पर बगैर शासन की सहायता लिए कर रही है। साथ ही तट के आसपास इनके कार्यकर्ता मौजूद रहकर लोगों को मां नर्मदा की सफाई और सावधानी के प्रति जाग्रत करने का कार्य भी कर रहे है। इसके नतीजे भी आने लगे है। अभी हाल ही में अमावस्या के दिन नर्मदा स्नान के वक्त घाट पर गंदे कचरायुक्त पानी की जगह पर्याप्त मात्रा में बिल्कुल साफ स्वच्छ पानी देखने को मिला।
घाट पर कपड़े धो रहे थे
लोग नहाने में साबुन का उपयोग नहीं कर रहे थे। घाट पर कपड़े नहीं धो रहे थे। एक बुजुर्ग सज्जन नहाते वक्त साबुन का उपयोग कर रहे थे पर टोकने या मना करने के बाद उन्होंने भी साबुन नहीं लगाया। यदि शासन प्रशासन बस आसपास के नालों का गंदा पानी सीधे नर्मदा में गिरने के मामले में कोई वैकल्पिक व्यवस्था कर ले तो ठीक रहेगा। वही अगर आमजन भी जागरूक हो जाए तो हम सभी अपने उद्देश्य में सफल हो जाएंगे।