रसोइयों का धरना समाप्त, अब अगस्त से करेंगे बेमुद्दत हड़ताल
छग मध्याह्न भोजन मजदूर एकता यूनियन (सीटू) के बैनरतले धरने पर बैठी रसोइयों व सहायिकाओं ने पहले चरण के 6 दिवसीय आंदोलन का समापन शनिवार को किया। अंतिम दिन रसोइयों ने शहर में रैली निकालकर एसडीएम को कलेक्टर दर पर मजदूरी देने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।
इस दौरान अब अगस्त में बेमुद्दत हड़ताल करने की बात कही। रसोइया संघ ने 5 चरणों में आंदोलन करने की रणनीति बनाई है। पहले चरण के आंदोलन के अंतिम दिन रैली निकालने के बाद दोपहर 1.30 बजे पंढरीराव कृदत्त खेल परिसर में आमसभा हुई। इसमें छग किसान संघ के प्रदेश अध्यक्ष व मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव संजय पराते भी पहुंचे। उन्होंने कहा कि सरकार की नीति मजदूर और किसान विरोधी है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने किसान, मजदूर, महिलाओं से जो भी वादा किया, उसे कभी पूरा नहीं किया है। मजदूरों को 6 घंटे काम करने पर 300 रुपए और मनरेगा मजदूरों को 174 रुपए रोजी मिल रही है, वहीं रसोइयाें को 6 घंटे काम करने पर 40 रुपए दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 23 मई को प्रदेश स्तर पर राज्य सरकार के खिलाफ पोल खोल हल्ला बोल रैली निकालेंगे, जिसमें जिलेभर के विभिन्न संगठनों के लोग शामिल होंगे। सभा में महेश शांडिल्य, पुरुषोत्तम, गंगा विश्वकर्मा, सीता साहू, अमरीका यादव, लता सिन्हा, गयाबाई नेताम, दुलारी बाई समेत कुरूद, नगरी, मगरलोड व धमतरी ब्लाॅक के सदस्य बड़ी संख्या में शामिल थे।
15 दिनों तक डेढ़ घंटे काम करेंगे : समीर कुरैशी ने बताया कि अप्रैल महीने में भी प्राइमरी, मिडिल की कक्षाएं लग रही हैं।
पहले चरण का धरना तो समाप्त हो गया, पर अप्रैल में बचे 15 दिनों तक रसाेइए स्कूलों में सुबह 9 से 10.30 बजे तक सिर्फ डेढ़ घंटे काम कर लौट जाएंगे।
धमतरी. रैली के बाद हुई सभा में बड़ी संख्या में रसोइए शामिल हुईं।
मई में सम्मेलन, जुलाई में जत्था यात्रा होगी
सीटू के जिलाध्यक्ष समीर कुरैशी ने कहा कि शासकीय प्राइमरी व मिडिल स्कूलों के रसोइयाें व सहायिकाओं की लड़ाई 5 चरणों में होगी। आने वाले चार चरणों में चार गुना ताकत के साथ प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि आंदोलन के द्वितीय चरण में मई माह में जिला सम्मेलन होगा, तीसरे चरण जुलाई में जत्था यात्रा, चतुर्थ चरण के तहत अगस्त में धरना प्रदर्शन और पांचवें चरण में इसी माह अनिश्चितकालीन प्रदर्शन किया जाएगा।