देवखुटपारा में फिर फैला चर्मरोग, 1 साल से है समस्या
नगरी ब्लाॅक के ग्राम पंचायत भुरसीडोंगरी के आश्रित गांव देवखुटपारा में 25 से अधिक लोग चर्मरोग से पीड़ित हैं। यह समस्या 150 की जनसंख्या वाले इस गांव में एक साल पुरानी है, फिर भी स्वास्थ्य विभाग ने आज तक स्वास्थ्य शिविर नहीं लगाया। पीड़ित ग्रामीण आसपास के गांव या प्राइवेट अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। पिछले महीनेभर से पीड़ितों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। पूर्व में 5-10 लोगों को ही चर्मरोग की समस्या थी, अब इनकी संख्या बढ़ती जा रही है। वर्तमान में तीरथ निषाद, दिलीप, टिकेश्वर, कुलेश्वर कोर्राम, हेमकांत, निधि निषाद, संगीता सहित कई लोग चर्मरोग से परेशान हैं। दोपहर को सीएमएचओ डॉ. डीके तुर्रे को मीडिया के माध्यम से जानकारी लगी, तब उन्होंने तत्काल काम्बेट टीम को गांव भेजा।
3 इंच तक लंबे धब्बे
ज्यादातर गंदे पानी के कारण चर्म रोग की समस्या आती है। ग्रामीणों ने बताया कि वे बोर के पानी से ही नहाते हैं। चर्म रोग के धब्बे 3 इंच तक फैल रहे हैं। तीरथ निषाद के शरीर में 20 से अधिक स्थानों में धब्बे हैं। धीरे-धीरे यह बीमारी गांव के अन्य लोगों में भी फैल रही है।
दवाइयों के साथ टीम भेजी : सीएमएचओ डॉ. डीके तुर्रे ने कहा कि जानकारी मिलने पर काम्बेट टीम को दवाइयों के साथ मौके पर भेज दिया है। शंका है कि गंदे पानी में नहाने के कारण बीमारी फैली होगी। टीम के लौटने पर वास्तविक स्थिति पता चलेगी।
25 से अधिक लोग चर्मरोग से पीड़ित, स्वास्थ्य विभाग की काम्बेट टीम गांव पहुंची
देवखुटपारा के तीरथ निषाद के पूरे शरीर में इस तरह धब्बे उभर आए हैं।
साफ पानी से नहाते हैं फिर भी चर्म रोग की समस्या
ग्रामीण कुलेश्वर कोर्राम, दिलीप निषाद ने कहा कि बेलर के उपस्वास्थ्य केंद्र में कुछ लोग इलाज करा रहे हैं। यह समस्या काफी पुरानी है, लेकिन आज तक स्वास्थ्य शिविर यहां नहीं लगा। ग्रामीणाें ने बताया कि दुधावा डैम के पानी में मछली पकड़ने जाते हैं, लेकिन आने के बाद बोर के पानी से नहाते हैं। डैम का पानी भी साफ है। पता नहीं चल पा रहा कि बीमारी फैलने का कारण क्या है।