बैंक के नोटिस से किसान आहत, कर्ज माफ कराने पहुंचे कलेक्टोरेट
धमतरी | नगरी ब्लाॅक के ग्राम गट्टासिल्ली, परसापानी, नवागांव, बटनहर्रा के किसान सहकारी बैंक की कर्ज वसूली की नोटिस से त्रस्त हैं। किसानों ने गांव के साहूकारों से भी खाद, दवाई के लिए कर्ज लिया था, लेकिन फसल बर्बादी से हुए नुकसान के चलते कर्ज नहीं पटा पा रहे। महीने में दो बार साहूकार भी इन किसानों के घर पहुंचकर धौंस जमा रहे हैं। बैंक और साहूकारों के ताने से परेशान होकर कुछ किसान मंगलवार को कलेक्टोरेट पहुंचे और कलेक्टर को आवेदन देकर कर्ज माफ कराने का आग्रह किया।
ग्राम परसापानी के द्वारिका प्रसाद ग्वाल, बटनहर्रा के बिसाहूराम, गट्टासिल्ली के जनार्दनराम, घोटगांव के लोकेश मंडावी ने कहा कि 3 साल से वे सूखे का सामना कर रहे हैं। कभी अल्प वर्षा, तो कभी फसल पर बीमारी के कारण उपज नहीं हो पा रही। सहकारी बैंक ने कालातीत घोषित कर दिया है, लेकिन तहसील कार्यालय के माध्यम से लगातार वसूली नोटिस आ रहा है। 150 से अधिक किसान कर्ज वसूली की नोटिस से परेशान हैं। रोज कमाने-खाने वाले कर्ज की राशि एकमुश्त नहीं पटा सकते। मजदूरी कर घर का गुजारा चला रहे हैं।
बढ़ता जा रहा ब्याज : किसानों ने कहा कि कर्ज की राशि भी लगातार बढ़ाई जा रही है। ऐसे में जो कर्ज पटाना चाह रहे, वे भी नहीं पटा पाएंगे। द्वारिका प्रसाद ने बैंक से ढाई लाख कर्ज लिया था, जो सवा तीन लाख तक बढ़ गया है। लोकेश कुमार ने 1 लाख का कर्ज लिया था, जो डेढ़ लाख तक पहुंच गया है। सुशील पर 6 लाख का कर्ज है।
धमतरी. कर्ज माफी के लिए किसानों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन।
2007 में खींच लिए ट्रैक्टर
बटनहर्रा के बिसाहूराम साहू ने लोन से ट्रैक्टर खरीदा था। इसके लिए स्टेट बैंक से कर्ज लिया था। फसल खराब होने के कारण किश्त नहीं पटा पाया और ट्रैक्टर, ट्राली बैंक ने जब्त कर ली। 2007 में ट्रैक्टर खींचकर ले गए और 6 लाख बकाया बताकर नोटिस भेज रहे हैं।