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अक्षय तृतीया आज, व्यापारियों ने कहा- अप्रैल में ज्यादा शादियां, इसलिए अच्छे व्यापार की उम्मीद

3 वर्ष पहले
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अक्षय तृतीया का पर्व 18 अप्रैल को मनाया जाएगा। इस बार अक्षय तृतीया पर सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, जो संपत्ति और नई वस्तुओं की खरीदी के लिए बेहद शुभ है। इस साल अप्रैल माह में शादी के ज्यादा मुहूर्त हैं।

सदर बाजार के व्यापारी लालचंद छाजेड़, विजय पारख, संकेत लुनावत, निर्मल चोपड़ा ने कहा कि अक्षय तृतीया पर अच्छे व्यापार की उम्मीद है, क्योंकि इस माह शादी के ज्यादा मुहूर्त हैं। हालांकि सोने-चांदी के दाम पहले से बढ़े हैं, लेकिन अक्षय तृतीया के कारण व्यापार पर इसका कोई प्रभाव नहीं होगा। मंगलवार को 10 ग्राम सोना 32500 रुपए व चांदी 39500 रुपए किलो थी। कपड़ा व्यापारियों ने भी अच्छे व्यापार की उम्मीद जताई है।

बच्चे रचाएंगे गुड्डे-गुड़ियों की शादी : शादी-ब्याह व अन्य संस्कारों के लिए श्रेष्ठ माने जाने वाले मुहूर्त अक्षय तृतीया पर जिले के गांव-गांव में दर्जनों शादियां होंगी। छोटे-छोटे बच्चे भी अपने घर में मिट्टी से बने गुड्डे-गुड़िए का ब्याह रचाने की परंपरा निभाएंगे। मंगलवार को बाजार में रंग-बिरंगे गुड्डे-गुड़ियों का आकर्षण देखते ही बना। कपड़े और मिट्टी के खिलौने की अच्छी बिक्री हुई।

मां लक्ष्मी की पूजा के बाद दान करने का विशेष महत्व : ज्योतिष पं. शंभूनाथ तिवारी ने बताया कि अक्षय तृतीया के दिन तुलसी की सेवा करने से धन-धान्य की कमी नहीं रहती। तुलसी के पौधे पर नियमित रूप से दीपक लगाने और पूजन से मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। इस दिन माता लक्ष्मी की पूजा करने से विशेष फल प्राप्त होता है। इस दिन दान का भी विशेष महत्व है।

भले ही आपके पास अधिक धन न हो, तब भी अपनी क्षमता के अनुसार दान करना चाहिए। मान्यता है कि अक्षय तृतीया के दिन दान करने से दान करने वाले व्यक्ति का आने वाला समय अच्छा होता है और दुख दूर होते हैं।

धमतरी. गुड्‌डे-गुड़ियों की खरीददारी करते बच्चे व उनकी माताएं।

ठाकुर देव को अर्पण के बाद शुरू होगी धान की बोआई

अक्षय तृतीया के दिन से किसान खेतों में धान की बोआई शुभ मुहूर्त में करेंगे। सुबह दोने में किसान धान लेकर गांव के ठाकुर देव को अर्पित करेंगे। गांव के बैगा द्वारा देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना के बाद ठाकुर देव के पास ही बोआई की औपचारिकता पूरी की जाएगी। इसके बाद अपने-अपने दोने को घर लाकर किसान खेतों में पूजा कर उसकी बोआई करेंगे।

अच्छी फसल के लिए कृषक आज करेंगे ठाकुर देव की पूजा

मगरलोड |
अक्षय तृतीया का पर्व बुधवार को मनाया जाएगा। छत्तीसगढ़ में इसे अक्ती पर्व कहा जाता है। मान्यता के अनुसार इस दिन जो भी शुभ कार्य किए जाते हैं, उनका अक्षय फल मिलता है। वैसे तो सभी बारह महीनों में शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि शुभ होती है, किंतु वैशाख माह की तिथि स्वयंसिद्ध मुहूर्तो में मानी गई है। इस दिन करेली बड़ी सहित अंचल के गांव-गांव में छोटे-छोटे बच्चे उत्साह के साथ गुड्‌डे-गुडिया का विवाह विधि-विधान के साथ रचाते हैं। इसमें चुलमाटी, मायन, बारात, टिकावन जैसी रस्में भी अदा की जाती है। अक्ति पर्व किसानों के लिए भी खास महत्व रखता है। इस दिन किसान ठाकुर देव को धान चढ़ाते हैं और बैगा द्वारा विधि-विधान के साथ पूजा अर्चना किए जाने के बाद चढ़ाए हुए धान को प्रसाद के रूप में लेकर घर आते हैं। खरीफ सीजन में इसी प्रसाद को बीज में मिलाकर खेतों में बोनी करते हैं। मान्यता है कि इससे फसल पर ठाकुर देव की कृपा बनी रहती है और विपुल उत्पादन होता है। गृह प्रवेश, शादी ब्याह, सोने-चांदी व जमीन जायजाद की खरीदी के लिए भी इस दिन को शुभ माना जाता है।

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