कठुआ, उन्नाव रेप केस, यहां भी उठी आवाज
देश में महिलाओं पर बढ़ते अत्याचार और कठुआ, उन्नाव में बच्चियों के साथ हुई घिनौनी करतूत के खिलाफ मंगलवार को सर्व समाज ने शहर में मौन जुलूस निकाला। मकई चौक से शुरू हुआ जुलूस सिहावा चौक पहुंचा। इसकी अगुवाई अंजुमन इस्लामिया कमेटी ने की। जुलूस में शामिल लोगों ने हाथों में दोषियों को फांसी की सजा देने तथा सख्त कानून की मांग से संबंधित तख्तियां थाम रखी थीं। सुबह 10.30 बजे मकई चौक पर हिंदू, मुस्लिम, सिख और इसाई समाज के लोग बड़ी संख्या में जमा हुए। यहां से 11 बजे जुलूस निकलकर सिहावा चौक पहुंचा। जुलूस में शामिल युवा, बच्चे, बुजुर्ग हाथों में नारी का सम्मान करो- मत उसका अपमान करो, अपराध और अपराधियों का जातिकरण बंद करो, दुष्कर्म के आरोपियों को फांसी दो, नारियों पर अत्याचार बर्दाश्त नहीं करेंगे, कठुआ और उन्नाव में बच्ची के साथ घिनौनी करतूत करने वालों को फांसी दो, नारी हिंसा बंद करो जैसे स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर चल रहे थे। सभी ने हाथ और सिर पर काली पट्टी भी बांध रखी थी। सिहावा चौक में एसडीएम सीडी वर्मा को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
धरना प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन : जिला ग्रामीण महिला कांग्रेस कमेटी द्वारा महिलाओं एवं युवतियों पर हो रहे अत्याचार के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग लेकर मगरलोड में मंगलवार को धरना-प्रदर्शन कर सरकार पर निशाना साधा गया। इसके बाद राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान जिला ग्रामीण महिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष विद्यादेवी साहू, पूर्व विधायक अंबिका मरकाम, राजकुमारी दीवान, चंद्रकला नेताम, ज्योति ठाकुर, खेमलता साहू, संध्या कश्यप, बिसहत साहू आदि उपस्थित थे।
सर्व समाज का मौन जुलूस, कहा- घिनौना कृत्य बर्दाश्त नहीं, आरोपियों को फांसी दो
धमतरी. अंजुमन इस्लामिया कमेटी की अगुवाई में सर्वसमाज ने सुबह 11 बजे मकई चौक से सिहावा चौक तक मौन जुलूस निकाला और एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
फैक्ट फाइल
वर्ष बलात्कार छेड़खानी
2013 7 15
2014 4 12
2015 4 06
2016 6 05
2017 9 17
लोगों ने कहा- घिनौनी करतूत से पूरा देश शर्मसार, अपराधियों को कानून का डर नहीं
अंजुमन इस्लामिया कमेटी के अध्यक्ष हाजी नसीम अहमद, क्रिश्चियन मेडिकल बोर्ड के आर पीटर, सकल जैन समाज के सचिव अाकाश गोलछा, अशफाक अली हाशमी, सलीम नबी, तनवीर उस्मान, हाजी नजीर अहमद ने कहा कि अपराध और अपराधियों के हौसले इस कदर बढ़े हुए हैं कि देश में महिलाएं, युवतियां और बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। मानवता का अवमूल्यन यह है कि अबोध बच्चियों के साथ भी घिनौनी करतूत लगातार सामने आ रही है। अपराधियों को समाज, कानून और सरकार का कोई डर नहीं है। अपराध रोकने के लिए दोष सिद्ध होने के बाद अविलंब अपराधी को फांसी की सजा दी जानी चाहिए। कठुआ और उन्नाव में बच्चियों के साथ हुई घिनौनी हरकत से पूरा देश शर्मसार है।
पुलिस चला रही अभियान : एएसपी केपी चंदेल ने कहा कि पुलिस की सक्रियता से लगातार महिलाओं और युवतियों के साथ अपराधों में कमी आ रही है। महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करने में पुलिस और समाज दोनों की जागरुकता बढ़ी है। पुलिस की महिला शक्ति और चेतना टीम गांव-गांव जाकर लोगों को महिला संबंधी अपराधों से जागरूक कर रही है।
शहर में भी 5 साल में 30 महिलाएं युवतियां हुईं अनाचार की शिकार
महिलाओं व युवतियों के साथ हो रही अत्याचार को रोकने के लिए धमतरी पुलिस द्वारा जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, इसके बावजूद सकारात्मक परिणाम नहीं दिख रहा है। कोतवाली पुलिस के आंकड़ों पर नजर डालें, तो वर्ष 2013 से 2017 तक 5 सालों में शहर में दुष्कर्म के 30 मामले दर्ज हुए हैं। इसके अलावा छेड़खानी के 55 मामले सामने आए हैं। 4 मामले यौन उत्पीड़न के भी हैं। साल दर साल यहां महिलाओं से संबंधित अपराधों में इजाफा हो रहा है। शहर में अपराध को रोकने के लिए अलग से महिला सेल, शक्ति टीम का भी गठन किया गया है।