जिले में प्वाइंट ऑफ सेल (पॉस) मशीन यानी स्वाइप मशीन के बिना उर्वरक बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस मशीन के बिना खाद की बिक्री करने वाले दुकानदारों का लाइसेंस भी निरस्त कर दिया जाएगा। यह कदम खाद की कालाबाजारी और मुनाफाखोरी रोकने के लिए उठाया गया है। इसके अलावा सहकारी समितियों में भी स्वाइप मशीन और माइक्रो एटीएम से खाद सहित कैश लेन-देन शुरू हो गया है।
विभिन्न उर्वरकों पर 25 से लेकर 50 फीसदी तक अनुदान दिया जाता है। इसका लाभ किसान को ही मिले, इसलिए यह व्यवस्था की गई है। उर्वरक खरीदते समय किसान को स्वाइप मशीन पर अंगूठा लगाना होगा, जिससे एक पर्ची निकलेगी। पर्ची में अंकित कीमत ही किसानों को देनी होगी। इधर 90 सोसायटियों व उप केन्द्रों में से 53 सोसायटियों में ही स्वाइप मशीन उपलब्ध है, शेष 37 में मशीनें नहीं पहुंची हैं। फिलहाल वहां खाद की बिक्री नगद हो रही है।
व्यवस्था
अनुदान का लाभ किसान को ही मिले इसलिए की ऐसी व्यवस्था, 53 सोसायटियों में ही मशीन उपलब्ध
स्टॉक की एंट्री जरूरी
25 से 30 तारीख के बीच सभी खाद विक्रेताओं को हर महीने के स्टॉक की एंट्री करानी होगी। जिले के चारों विकासखंडों व अन्य स्थानों में स्थित कृषि विभाग के ब्लॉक स्तर के कार्यालयों में इसकी एंट्री की जाएगी। बिना स्टॉक एंट्री कराए खाद बेचने पर भी कार्रवाई होगी।
आधार कार्ड के बिना नहीं मिलेगा खाद
किसानों को खाद खरीदने के लिए आधार कार्ड होना जरूरी है। ऐसा न होने पर किसान को खाद नहीं मिलेगा। आधार कार्ड की अनिवार्यता के कारण जिन किसानों के नाम से खेत है, उन्हें ही खाद दिया जाएगा। खाद खरीदते समय संबंधित किसान को थंब इंप्रेशन देना होता है, जिससे उनकी डिटेल उस मशीन में आ जाती है और खाद खरीदी की जानकारी समेत कीमत पर्ची निकलती है।
सर्वर डाउन रहने से काम में आ रही है दिक्कत
किसान सुकालूराम साहू, दीनानाथ साहू, देवलाल निषाद ने बताया कि सोसायटियों में खाद की खरीदी करने जाते हैं, तो सर्वर की समस्या रहती है। कभी ठीक चलता है, तो कभी 2-3 घंटे तक सर्वर डाउन रहता है। ऐसे में इंतजार करते बाहर बैठे रहते हैं। इससे दिनभर का काम भी प्रभावित हो जाता है। खाद दुकानों में मशीन तो लगा दी गई है, पर सर्वर की समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।
बिना मशीन के ब्रिक्री हुई तो लाइसेंस रद्द
उप संचालक कृषि एलपी अहिरवार ने बताया कि दुकानदारों को स्वाइप मशीन आईपीएल कंपनी मुहैय्या करा रही है। इस मशीन को डिजिटलाइजेशन सेवा से जोड़ा जाएगा। जिले में 10 मई से इसकी शुरुआत हो चुकी है। बिना स्वाइप मशीन के खाद बेचने वाले दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की योजना भी बना ली गई है। जांच के दौरान बगैर स्वाइप मशीन के खाद बेचते हुए पाए जाने पर दुकानदार का लाइसेंस निरस्त किया जाएगा, साथ ही उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।