धमतरी| जिला मितानिन संघ के बैनरतले 1700 मितानिन 3 सूत्रीय मांगों को लेकर गौशाला मैदान में 9 दिनों से धरने पर बैठीं हुई हैं। इसके चलते ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य व्यवस्था प्रभावित हो रही है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कुछ समय पहले उन्हें 50 फीसदी राज्यांश मिल रहा था।
विरोध करने के बाद इसे बढ़ाकर 75 फीसदी कर दिया गया है, लेकिन बढ़ा हुआ राज्यांश अब तक नहीं मिला। हमारी मांग 100 फीसदी राज्यांश की है। संघ की अध्यक्ष बबीता साहू, मोंगरा साहू ने बताया कि महीने के तीसरे बुधवार को गर्भवतियों का टीकाकरण, एचआईवी टेस्ट सहित अन्य जांच की जाती है, लेकिन हड़ताल के चलते यह नहीं हुई। मितानिन अपने पास दवा किट भी रखती हैं और टीबी व कुष्ठ की दवा का सेवन मरीजों को अपनी देखरेख में कराती हैं। हड़ताल की वजह से इन मरीजों की परेशानी भी बढ़ गई है।
100 फीसदी राज्यांश समेत 3 सूत्रीय मांगों को लेकर दे रहीं धरना
गोशाला मैदान में 10 मई से जिलेभर की मितानिन धरने पर बैठीं हैं।
सरकारी योजनाएं भी ठप
ग्रामीण क्षेत्रों में भले ही स्वास्थ्य विभाग के कार्यकर्ता पदस्थ हैं, लेकिन सभी गांवों में स्वास्थ्य विभाग की योजनाअों के संचालन की जिम्मेदारी ज्यादातर मितानिनों पर ही है। इनके हड़ताल पर चले जाने से सरकारी योजनाएं भी ठप हो गई है। मितानिनों ने बताया कि पल्स पोलियो टीकाकरण, परिवार नियोजन, गांव में बीमारी होने पर दवा वितरण, नवजात की सुरक्षा, पोषण पुनर्वास, संस्थागत प्रसव समेत अनेक कार्यक्रम प्रभावित हो रहे हैं।