धमतरी| रमजान का महीना शुरू होते ही मुस्लिम समुदाय के लोगों ने रोजा रखना शुरू कर दिया है। साथ ही शहर की सभी मस्जिदें फिर से नमाजियों और रोजेदारों से गुलजार हो गई है। करीब 16 घंटे तक भूखे-प्यासे रहकर मुस्लिम भाई रोजा रख रहे हैं, जिसमें छोटे-छोटे बच्चे भी शामिल हैं।
गुरुवार को चांद की तस्दीक होने के बाद शहर के जामा मस्जिद समेत अन्य मस्जिदों में तरावीह की विशेष नमाज अदा की गई। अंजुमन इस्लामिया कमेटी के अनुसार जामा मस्जिद में मुफ्ती मो. जुबैर अहमद, मस्जिद हनफिया में हाफिज रहमतुल्लाह मिस्बाही, मस्जिद गरीब नवाब में हाफिज मुकर्रम शाहिन, मदीना मस्जिद में हाफिज मो. तनवीर, सिहावा चौक मदरसे में हाफिज मो. जव्वाद अहमद और पुरुर मदरसे में हाफिज मो. सगीर ने तरावीह की नमाज अदा कराई, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
रूह को मिलता है सुकून: रिजवी :रोजदार मो. सलीम उमर, अब्दुल सलाम गोंड़, अब्दुल गफुर बेलीम, ताजुद्दीन खत्री ने कहा कि सच्ची नीयत से रोजा रखा जाए, तो भूख और प्यास महसूस नहीं होती।
धमतरी। शाम को इफ्तार में जुटे रोजेदार।
रोजेदारों ने कहा-रोजा ईमान को मजबूत करता है
रोजेदार सैय्यद हसन अली, बब्बू भाई, अजलम भाई, मो. दिलावर रोकड़िया ने बताया कि हर बालिग मो. मिन पर इस्लाम में रोजा फर्ज किया गया है। खुदा का शुक्र है कि उसने रोजा रखने की हमें ताकत दी है। मो. आजम रिजवी, जमाल रिजवी, नजीर अहमद सिद्दीकी, मो. एजाज का कहना है कि रोजा ईमान को और मजबूत करता है। रमजान महीने में खुदा की राह में की गई इबादत कुबूल होती है।