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धोखाधड़ी से बचाने बंट रहे चिप वाले एटीएम कार्ड

3 वर्ष पहले
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धमतरी | बैंकों की ओर से ग्राहकों को नया एटीएम कार्ड वितरित किया जा रहा है, जिसमें माइक्रो चिप लगा है। हैकर से बचाने के लिए ही पुराने कार्ड के बदले मुफ्त में नए कार्ड दिए जा रहे हैं, ताकि किसी प्रकार की धोखाधड़ी व गड़बड़ी न हो। इन दिनों एटीएम कार्ड धोखाधड़ी की शिकायतें आ रही हैं। इसका कारण ब्लैक स्ट्रिप (मैग्नेटिक पट्‌टी) वाले पुराने एटीएम कार्ड की क्लोनिंग आसानी से होना है। लीड बैंक मैनेजर का कहना है कि जिले में 5 लाख एटीएम कार्डधारक हैं, जिनके एटीएम कार्ड को चिपयुक्त कार्ड में बदला जाना है। जिन ग्राहकों के एटीएम की वैलिडिटी खत्म हो रही है, उन्हें नए एटीएम कार्ड जारी किए जा रहे हैं। जिन्हें चिपयुक्त एटीएम कार्ड लेना है, उन्हें संबंधित बैंक में आवेदन करना होगा। फिलहाल 4 लाख खाताधारकों के कार्ड चिपयुक्त नहीं हुए हैं।

अपराधी स्वाइप मशीन के पास लगाते हैं डिजिटल डिवाइस : बैंकों ने भी यह मान लिया है कि सिर्फ ब्लैक स्ट्रिप वाले एटीएम कार्ड सुरक्षित नहीं हैं। अब चिप वाले कार्ड जारी कर रहे हैं। पुराने एटीएम कार्ड की मैग्नेटिक स्ट्रिप में खातेदार की सारी जानकारी होती है। कार्ड स्वाइप करने पर मशीन सारी जानकारी जुटा लेता है। अपराधी एटीएम और स्वाइप मशीन के आसपास अतिरिक्त डिजिटल डिवाइस लगाते हैं, जिसे फिक्स करने की जरूरत नहीं होती। स्वाइप होने के बाद मशीन में बटन के पास माइक्रो कैमरे लगाते हैं, जिससे पिन पता चल जाता है। बैंक प्रबंधन के अनुसार पिछले साल देशभर में 30 लाख से ज्यादा कार्ड हैक हुए थे, इसलिए अब माइक्रो चिप वाले एटीएम कार्ड दे रहे हैं।

सुरक्षित हैं चिप वाले कार्ड

लीड बैंक मैनेजर अमित रंजन ने बताया कि पुराने कार्ड के क्लोन की वजह से ज्यादातर बैंकों ने व्यवस्था में बदलाव कर दिया है। चिप वाले कार्ड पुराने कार्ड से सुरक्षित माने जाते हैं, क्योंकि जरूरी जानकारी चिप में होती है। इसे रीड करने के लिए विशेष सॉफ्टवेयर की जरूरत पड़ती है, जो केवल बैंकों के पास हैं, जबकि मैग्नेटिक स्ट्रिप वाले कार्ड के रीडर बाजार में आसानी से उपलब्ध हैं। पहले वाले कार्ड में सिक्यूरिटी लेवल कम था, जो अब नए वाले कार्ड में बढ़ गया है।

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