आंधी-तूफान से 400 एकड़ फसल तबाह, मांगा मुआवजा
जिले में तेज आंधी-तूफान के साथ बीते 11 मई को कई जगह ओले गिरे। मगरलोड ब्लाक में ज्यादा ओले गिरे, जिस वजह से इस क्षेत्र की सैकड़ों एकड़ की धान की फसल तबाह हो गई। बुधवार को ग्राम रांकाडीह के 20 से अधिक किसान कलेक्टोरेट पहुंचे और ज्ञापन सौंपकर फसल तबाही का मुआवजा देने की मांग की।
किसान हिरामन राम, धनेश्वरराम साहू, कीर्तन, रामकुमार, नील कुमार, मानिकराम, महेशराम आदि ने बताया कि 11 मई को आंधी-तूफान के साथ बारिश हुई थी। इस दौरान मगरलोड ब्लाॅक के रांकाडीह, खैरझिटी, गिरौद, सांकरा क्षेत्र में 100 से अधिक किसानों की 400 एकड़ में लगी धान की फसल बर्बाद हो गई। सबसे ज्यादा नुकसान रांकाडीह और खैरझिटी में हुआ है। उन्होंने बताया कि सभी पीड़ित किसान गरीब तबके के हैं, जिन्होंने 1 से 4 एकड़ में धान की फसल लगाई थी और स्वयं के साधन से सिंचाई कर रहे थे।
जांच करवा रहे : डिप्टी कलेक्टर राजीव पांडेय ने बताया कि ओलावृष्टि प्रभावित क्षेत्र की जांच तहसीलदार के जरिए करवाई जा रही है। रिपोर्ट तैयार होने के बाद प्रभावित किसानों को फसल क्षति का मुआवजा दिया जाएगा।
गुहार
मगरलोड ब्लाक के ग्राम रांकाडीह के दर्जनभर से अधिक किसान बुधवार को पहुंचे कलेक्टोरेट, सौंपा ज्ञापन
धमतरी. ग्राम रांकाडीह के दर्जनभर किसानों ने बुधवार को कलेक्टोरेट पहुंचकर मुआवजा दिलाने की मांग की।
कैसे पटाएंगे साहूकारों का कर्ज, चिंतित हैं किसान
किसान सुभाष सिंह, लुकेश मानिकपुरी, गणेशराम, दिवाकर ठाकुर ने बताया कि उन्होंने फसल लगाने के लिए साहूकारों से 70 हजार से 1 लाख रुपए तक कर्ज लिया है। ओलावृष्टि से धान की फसल चौपट हो गई। ऐसे में अब साहूकारों के कर्ज की चिंता सता रही है। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द मौका निरीक्षण कराकर फसल क्षतिपूर्ति दिलाने की मांग की है।