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74 नर्सें बेमुद्दत हड़ताल पर, अस्पताल प्रशिक्षु और संविदा नर्सों के भरोसे

3 वर्ष पहले
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6 सूत्रीय मांगों को लेकर जिलेभर की 74 सरकारी स्टाफ नर्स शुक्रवार से बेमुद्दत हड़ताल पर चली गईं। छत्तीसगढ़ परिचारिका कर्मचारी कल्याण संघ के बैनर तले वे राजधानी रायपुर में बेमुद्दत धरने पर बैठ गई हैं। अचानक इनके हड़ताल पर जाने से स्वास्थ्य व्यवस्था लड़खड़ा गई है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग प्राईवेट अस्पतालों, नर्सिंग कालेज के प्रशिक्षु स्टूडेंट्स और संविदा नर्साें के जरिए व्यवस्था बनाए रखने में जुट गया है। हड़ताल के पहले दिन शुक्रवार को स्वास्थ्य व्यवस्था पर ज्यादा प्रभाव तो नहीं दिखा, लेकिन लंबे समय तक हड़ताल चली, तो मरीजों की जान पर आफत आ सकती है।

चरणबद्ध ढंग से कर रहीं आंदोलन: स्वास्थ्य परिचारिकाएं बीते 17 अप्रैल से क्रमबद्ध आंदोलन कर रही हैं। प्रथम चरण में सांकेतिक प्रदर्शन किया। 1 मई को मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की आरती उतार कर मांगों की ओर ध्याना आकृष्ट कराया, फिर काली पट्टी लगाकर काम किया। इसके बावजूद शासन ने ध्यान नहीं दिया, तब उन्होंने शुक्रवार से बेमुद्दत हड़ताल का ऐलान कर दिया।

ऑपरेशन को लेकर है चिंता: जिला अस्पताल सहित कुरुद, नगरी, मगरलोड और गुजरा के सरकारी अस्पतालों में परीवीक्षावधीन नर्स वार्डों में सेवाएं देती हैं। ऑपरेशन थिएटर के लिए कुशल नर्सों की जरुरत रहती है, जो चिकित्सकों के इशारों को समझकर काम कर सकें, ऐसे में नर्सों की हड़ताल से ओटी की व्यवस्था प्रभावित होने के आसार हैं। इधर विभाग ओटी सहित स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न होने के दावा कर रहा है।

ये हैं नर्साें की प्रमुख मांगें

7वां वेतनमान और 4600 रुपए ग्रेड पे दिया जाए। समस्त नर्सिंग कैडर के वेतनमान में वृध्दि की जाए। नर्सिंग एलाउंस छत्तीसगढ़ राज्य में लागू किया जाए। 3-4 इन्क्रीमेंट का लाभ समानता से दिया जाए। पदनाम नर्सिंग आॅफिसर किया जाए। स्टाफ नर्स को कार्यो के अनुरूप ग्रेड-2 का दर्जा दिया जाए

हड़तालियों को दिया नोटिस

सीएमएचओ डॉ. डीके तुर्रे ने बताया कि जिलेभर में 142 नर्सों हैं, इनमें से करीब 74 हड़ताल पर हैं। इन्हें स्वास्थ्य संचालनालय से मिली नोटिस की कापी थमाकर चेतावनी दी गई है कि हड़ताल के दौरान किसी मरीज की मृत्यु हुई, तो इसके लिए वे ही जिम्मेदार होंगी। साथ ही उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। नर्साें की हड़ताल से अस्पतालों की व्यवस्था न लड़खड़ाए, इसलिए 68 परीवीक्षाधीन व संविदा नर्साें को ड्यूटी पर लगाया गया है।

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