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अंधे मोड़ पर ज्यादा दुर्घटनाएं, वहां बनेगी एप्रोच रोड

3 वर्ष पहले
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गंगरेल बांध क्षेत्र में रोजाना सैकड़ों पर्यटक पहुंचते हैं। अंगार मोती मंदिर जाने के रास्ते पर अंधा मोड़ है, जहां आए दिन दुर्घटनाएं होती है। लंबे समय बाद पुलिस और प्रशासन ने इस अंधे मोड़ की सुधि ली है। यहां दुर्घटना रोकने के लिए एप्रोच रोड का निर्माण होगा। इसी तरह पुलिस ग्राउंड रुद्री से गंगरेल बांध और मंदिर क्षेत्र के सभी अंधे मोड़ पर संकेत बोर्ड, रिफ्लेक्टर लाइट लगेंगे। कलेक्टर ने एप्रोच रोड बनाने के लिए एसडीएम को सर्वे कराने का निर्देश दिया है।

मंगलवार को सुबह 11 बजे कलेक्टर डॉ. सीआर प्रसन्ना, एसपी रजनेश सिंह, डीएफओ अमिताभ बाजपेयी, जल संसाधन विभाग के ईई अजय ठाकुर समेत अन्य अधिकारियों ने गंगरेल बांध क्षेत्र का भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने मां अंगार मोती मंदिर पहुंच मार्ग पर दायीं ओर स्थित 4 हेक्टेयर वन क्षेत्र को वाहनों के लिए पार्किंग स्थल बनाने का निर्णय लिया। इसके लिए कलेक्टर ने एसडीएम सीडी वर्मा को इस स्थल का सर्वे कराकर प्रतिवेदन बनाने कहा। शीतला मंदिर के पहले मोड़ के बायीं ओर की सफाई कर एप्रोच रोड बनाने तथा बांध की सुरक्षा के लिए पुलिस के जवानों की ड्यूटी लगाने के निर्देश भी उन्होंने दिए।

धमतरी. गंगरेल बांध क्षेत्र में ट्रैफिक के बढ़ते दबाव के मद्देनजर कलेक्टर-एसपी ने मंगलवार को क्षेत्र का जायजा लेकर देखा नक्शा।

इसलिए आया इस रोड का ध्यान

बता दें कि गंगरेल बांध प्रदेश का दूसरा बड़ा बांध है। इसकी जल ग्रहण क्षमता 32.150टीएमसी है। बारिश के सीजन में बांध की खूबसूरती निहारने के लिए प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों से पर्यटक यहां पहुंचते हैं। मां अंगार मोती मंदिर भी है, जहां रोजाना सैकड़ों श्रद्धालु देवी दर्शन करने पहुंचते हैं, इसलिए रोड पर ट्रैफिक का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। पर्यटकों की सुरक्षा के लिए प्रशासन ने पार्किंग बनाने, वाहनों की रफ्तार पर अंकुश लगाने और अंधे मोड़ पर संकेत बोर्ड, रिफ्लेक्टर लाइट लगाने का निर्णय लिया है।

मोड़ पर लगाएंगे सूचना बोर्ड : एसपी रजनेश सिंह ने बताया कि रुद्री-गंगरेल मार्ग में बढ़ते ट्रैफिक दबाव के मद्देनजर मंगलवार को क्षेत्र का जायजा लिया गया। जिन जगहों पर अंधे मोड़ हैं, वहां सूचना बोर्ड और रिफ्लेक्टर लाइट लगेंगे। पार्किंग व्यवस्था समेत गंगरेल बांध की सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में जवानों को तैनात करेंगे। इस रोड में स्पीड से गाड़ी दौड़ाने वालों पर भी पुलिस सख्ती के साथ कार्रवाई करेगी।

सालभर में 10 हादसे, 8 मौतें

गंगरेल बांध पहुंच मार्ग पर आधा दर्जन से अधिक अंधे मोड़ हैं, पर कहीं भी सूचना बोर्ड नहीं लगे हैं। प्रशासन की इस अनदेखी के कारण अंधे मोड़ों पर बीते साल 10 से अधिक सड़क हादसे हुए, जिनमें 8 लोगों की जान चली गई और दर्जनों लोगों के हाथ-पैर टूट गए। 2016 में शीतला मंदिर के पास के अंधे मोड़ पर जीप-ऑटो के बीच हुई भिड़ंत में 2 लोगों की मौत हो गई और 18 लोग घायल हो गए थे। 24 अगस्त 2017 को शीतला मंदिर के पास 2 बाइक के बीच भिडं़त में बालोद के 2 युवकों की मौत हो गई थी। 10 दिसंबर को बेन्द्रानवागांव मोड़ के पास हुए हादसे में 1 की मौत व 11 दिसंबर को ऑटो-जीप के बीच हुई टक्कर में 2 की मौत व 23 लोग घायल हुए थे।

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