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कंपनी की रिकवरी राशि की लूट की कहानी बनाई, लेकिन पुलिस से न बच सके दो भाई
धमतरी| जगदलपुर की माइक्रो फाइनेंस कंपनी में कार्यरत सचिन को काम से निकालकर मार्कशीट के बदले 10 हजार की मांग की, तो उसके बड़े भाई चंद्रकांत ने लूट की कहानी रचकर कुरूद थाने में रिपोर्ट लिखवा दी। पुलिस ने 10 घंटे की जांच-पड़ताल के बाद मामले का चौंकाने वाला खुलासा किया। प्रार्थी ने जिन 2 अज्ञात नकाबपोश युवकों पर 81 हजार लूटने का आरोप लगाया था, उनमें से एक कोई और नहीं, बल्कि उसका छोटा भाई सचिन निकला।
17 अप्रैल को दोपहर करीब 3 बजे बड़ी करेली पुलिस चौकी पहुंचकर चंद्रकांत साहू ने चौकी प्रभारी को बताया कि वह स्पंदना माइक्रो फाइनेंस कंपनी का कलेक्शन कर करीब 81 हजार रुपए बैग में लेकर नयापारा जा रहा था, तभी कुंडेल के पास बाइक से पहुंचे 2 अज्ञात नकाबपोश युवकों ने चलती गाड़ी से चाबी निकाल ली और रुपयों से भरा बैग छीनकर भाग गए।
इसलिए रची लूट की कहानी: कुरूद थानेदार प्रणाली वैद्य ने बताया कि चंद्रकांत साहू और उसका छोटा भाई सचिन साहू स्पंदना माइक्रो फाइनेंस कंपनी में काम करते थे। चंद्रकांत नगरी में और सचिन पाटन में पदस्थ था। सचिन काम में कोताही बरत रहा था। ऐसे में कंपनी ने उसका ट्रांसफर जगदलपुर कर दिया, पर सचिन पाटन में ही काम करना चाहता था, लेकिन कंपनी ने उसे पाटन में रखने से मना कर दिया। ऐसे में कंपनी ने उसे काम से निकालकर उसकी मार्कशीट लौटाने के बदले में 10 हजार की मांग की। इसकी जानकारी सचिन ने अपने बड़े भाई चंद्रकांत को दी, तब उसने कंपनी के वसूली के पैसे को ही कंपनी को देकर मार्कशीट लेने की साजिश रची। इसके तहत भाई के साथ मिलकर उसने लूट की मनगढ़ंत कहानी बनाई, पर अपने ही जाल में दोनों भाई फंस गए।
ऐसे फूटा मामले का भांडा
मामले का खुलासा बुधवार को दोपहर 1.30 बजे एएसपी केपी चंदेल ने एसपी कार्यालय में किया। उन्होंने बताया कि चंद्रकांत द्वारा बताई गई लोकेशन पर जांच-पड़ताल की गई। लूट की घटना का जो समय प्रार्थी ने बताया था, उस समय कुंडेल में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज में कुछ भी नहीं दिखा। इसके बाद उसे कुरूद थाने लाकर पूछताछ की गई, तब उसने खुद की मनगढ़नंत कहानी का भांडाफोड़ कर दिया।