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प्राइवेट स्कूलों में बंद होंगी निजी प्रकाशकों की पुस्तकें, एनसीईआरटी से होगी पढ़ाई

3 वर्ष पहले
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नए सत्र से प्राइवेट स्कूल निजी प्रकाशकों की पाठ्य पुस्तकें चलाने की मनमानी नहीं कर सकेंगे। शासन के निर्देशानुसार उन्हें पाठ्यक्रम में एकरूपता लाने के लिए एनसीईआरटी की पाठ्य पुस्तकों को चलाना होगा। इसके लिए जिला शिक्षा विभाग ने सभी प्राइवेट स्कूलों को निर्देश जारी कर दिए हैं। डीईओ पीकेएस बघेल का कहना है कि इस निर्देश का पालन नहीं करने वाले स्कूलों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

जिला शिक्षाधिकारी कार्यालय के अनुसार जिले में प्राइमरी से हायर सेकंडरी तक 230 प्राइवेट स्कूल वर्तमान में संचालित हैं। इनमें 84 प्राइमरी, 70 मिडिल, 21 हाई और 47 हायर सेकेंडरी स्कूल शामिल हैं। इनमें से अधिकांश स्कूलों खासकर इंग्लिश मीडियम स्कूलों में शासन के निर्देश को ताक पर रखकर निजी प्रकाशकों की पाठ्य पुस्तकें चलाई जा रही हैं। इन पुस्तकों की कीमत इतनी अधिक होती है कि इन्हें खरीदना गरीब और मध्यम वर्ग के पालकों के बस के बाहर हो जाता है। निजी प्रकाशकों की पहली कक्षा की पुस्तकों के सेट की कीमत 2 हजार रुपए के लगभग होती है, जो कक्षा बढ़ने के साथ ही और ज्यादा बढ़ती जाती है।

आरटीई छात्रों पर आती है आफत:आरटीई के तहत अच्छी शिक्षा प्राप्त करने के उद्देश्य से बड़े प्राइवेट स्कूलों में दाखिला लेने वाले गरीब छात्रों के लिए निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें मुसीबत साबित होती हैं, क्योंकि अधिकांश पालक इनका खर्च वहन नहीं कर पाते। इसके विपरीत एनसीईआरटी की किताबों की कीमत काफी कम होती है। ऐसे में आरटीई के तहत दाखिला लेने वाले छात्रों के पालक भी चाहते हैं कि प्राइवेट स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबें ही चलाई जाएं।

पिछले वर्ष दी गई थी हिदायत: शहर के एक पालक देवेंद्र जैन ने पिछले सत्र में प्राइवेट स्कूलों की इस मनमानी की ओर प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया था और शासन के निर्देश का हवाला देकर एनसीईआरटी की पाठ्य पुस्तकें चलवाने की मांग की थी। इसके बाद डीईओ ने सभी प्राइवेट स्कूलों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया था, पर सत्र शुरू हो जाने का हवाला देकर प्राइवेट स्कूल प्रबंधनों ने इसके लिए सालभर का समय मांगा। इस पर डीईओ ने सभी स्कूलों को अगले सत्र से निजी प्रकाशकों की पुस्तकें बंद कर एनसीईआरटी की पुस्तकों से ही पढ़ाई कराने की हिदायत दी थी।

स्कूलों का सर्वे कराया जाएगा: डीईओ पीकेएस बघेल का कहना है कि इस सत्र से सभी प्राइवेट स्कूलों को निजी प्रकाशकों की पुस्तकें बंद कर एनसीईआरटी की पुस्तकों से पढ़ाई कराने के निर्देश दिए जा चुके हैं। इसका पालन सख्ती से कराया जाएगा। इसके लिए स्कूलों का सर्वे भी कराया जाएगा। जो स्कूल निर्देश का उल्लंघन करते मिलेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

जिले के किस ब्लाॅक में कितने प्राइवेट स्कूल

स्कूल धमतरी कुरूद मगरलोड नगरी

प्राइमरी 41 26 8 9

मिडिल 27 17 15 11

हाई 15 5 3 6

हायर सेकंडरी 23 16 5 3

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