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दोनों समुदायों का यह विशेष धार्मिक महत्व वाला महीना वर्षों बाद एक साथ आया है, मलमास 13 जून तक रहेगा
इस बार मई का महीना विशेष संयोग लेकर आया है। पुरुषोत्तम मास (अधिक मास) 16 मई से शुरू हो रहा है, तो रमजान का पाक महीना भी 17 मई से शुरू हो रहा है। दोनों समुदायों का यह विशेष धार्मिक महत्व वाला महीना वर्षों बाद एक साथ आया है।
मलमास 13 जून तक रहेगा। इस मास में यज्ञ दान आदि का महत्व बढ़ जाता है। पं. हरिशरण महाराज ने बताया कि इस मास में विवाह आदि संस्कार निषेध रहते हैं। दूसरी तरफ मुस्लिम समुदाय के लोग रमजान के पाक माह में अल्लाह की इबादत करेंगे। बीते साल रमजान माह 28 मई से शुरू हुआ था। इस बार 11 दिन पहले यानी 17 मई को शुरू होगा। अगर 16 मई की रात चांद दिखता है, तो मस्जिदों में तरावीह की नमाज अदा कर रमजान शुरू होने की घोषणा होगी। चांद नहीं दिखा, तो पर्व एक दिन बाद माना जाएगा। 17 मई से रोजा शुरू होगा।
त्यौहार के समय गर्मी बढ़ने की आशंका : दो ज्येष्ठ मास पड़ने के कारण इस बार जानकार अधिक मास को मौसम के लिहाज से पीड़ादायक मान रहे हैं और इस दौरान ज्येष्ठ की गर्मी व धूप से लोगों को परेशानी होने की आशंका जता रहे हैं। हालांकि अभी तक बढ़े हुए तापमान और बंगाल से आ रही नमी मिलकर बादल बना रहे हैं।
व्यापार जगत में आएगी तेजी
मकर राशि में मंगल का प्रवेश सभी राशियों के जातकों को किसी न किसी रूप में प्रभावित करेगा। मंगल मकर राशि में केतु से युति बनाकर राहु से समसप्तक योग बनाएगा। यह योग व्यापार जगत में अच्छी तेजी से रूख दर्शाता है। किसानों के लिए अच्छी बरसात के भी संकेत हैं।
दो समुदायों के धार्मिक महत्व का महीना एक साथ, अाज से पुरुषोत्तम, कल से शुरू होंगे रमजान
मैकेनिकल से जुड़े लोगों के लिए लाभदायक संयोग
किसी भी विषयवस्तु के बारे में जानने की अभिलाषा भी मंगल ही लाता है। अपनी उच्च राशि मकर में आने पर मंगल विज्ञान, शिक्षा और खासकर मैकेनिकल लाइन में लाभ दिलाएगा। ज्योतिषीय आंकलन के अनुसार जमीन से जुड़े व्यापारियों के लिए यह युति लाभदायक रहेगी।
13 जून से निकलेंगे शादियों के मुहूर्त
13 जून के बाद शादियों के मुहूर्त निकलने शुरू होंगे। अधिकमास खत्म होते ही जून में 19, 20, 21, 22, 23, 25, 29 तारीख व जुलाई में 6 व 10 तारीख को सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त हैं। 23 जुलाई को देवशयनी एकादशी पर देव सो जाएंगे।
6 माह मकर राशि में रहेगा मंगल
ज्येष्ठ कृष्ण द्वितीया को मंगल ग्रह ने अपना स्थान बदल लिया है। मंगल धनु राशि से निकलकर अपनी उच्च राशि मकर में आ गया। पहली बार मंगल किसी राशि में सर्वाधिक 6 माह तक रहेगा। सामान्यतः: देखा गया है कि यह 40 या 45 दिन तक एक राशि में रहता है। 6 माह बाद 6 नवंबर सुबह 9.21 बजे मकर से विचरण कर कुंभ राशि में जाएगा।