अब गंगरेल राष्ट्रीय स्तर का पर्यटन स्थल बनने जा रहा है। यहां मध्य भारत का सबसे बड़ा बोटिंग साइट विकसित करने की योजना है। दो साल में पूरा होने वाले इस प्रोजेक्ट पर करीब 150 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसके तहत आधुनिक मोटर बोट होंगे और तरह- तरह की वाटर एक्टिविटी होगी। इसके अलावा 150 वुडेन कॉटेज स्थापित किए जाएंगे जिसमें पर्यटक ठहरकर बोटिंग और वाटर स्पोर्ट्स का मजा ले सकेंगे। इसके लिए छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल ने हाल ही में टेंडर जारी किया है। इसका संचालन निजी एजेंसी के माध्यम से किया जाएगा।
पर्यटन में गंगरेल को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए पिछले तीन सालों से प्रयास तेज कर दिए गए हैं। इसके तहत बोटिंग साइट को विकसित किया जा रहा है। बोटिंग और वाटर स्पोर्ट्स में यहां की संभावनाओं को देखते हुए निजी एजेंसियों ने रुचि ली है। इतनी बड़ी और सुरक्षित वाटर बॉडी मध्य भारत में केवल यही हैं। अभी से निजी एजेंसियां यहां बोटिंग करवा रही हैं।
वाटर एक्टिविटी और स्पोर्ट्स: यहां वाटर स्पोर्ट्स तो होगा ही इसके लिए अलावा एडवेंचर के रूप में तरह तरह की वाटर एक्टिविटी भी होगी। वाटर स्पोर्ट्स के तहत बोटिंग, सर्फिंग, कयाकिंग, केनोइंग, डाइविंग, स्कूटर राइडिंग और पैरासेलिंग होगी।
धमतरी. गंगरेल राष्ट्रीय स्तर का पर्यटन स्थल बनने जा रहा है। यहां मध्य भारत की सबसे बड़ी बोटिंग साइट विकसित करने की योजना है।
मोटल साइट पर गंगरेल बांध के किनारे बनाए गए वुडन कॉटेज, इनमें सारी आधुनिक सुविधाएं हैं। यहां ठहरकर पर्यटक गोवा जैसा आनंद ले सकते हैं।
जर्मन कॉटेज होगा आकर्षण
यहां कीमती वुडन कॉटेज बनाए गए हैं। यह कॉटेज जर्मन की विशेष लकड़ी से निर्मित हैं जो फायर और वाटर प्रूफ है। यह पानी से खराब नहीं होते और इसमें जल्द आग नहीं लगती। जरा सी आग लगने पर इसमें ज्यादा धुआं निकलता है जो दूर तक दिखाई देता है।
सभी मोटरबोट अत्याधुनिक, 5 करोड़ एक की कीमत
यहां वाटर स्पोर्ट्स और वाटर एक्टिविटी किस स्तर होगी इसका अंदाजा केवल इसी से लगाया जा सकता है कि यहां पांच-पांच करोड़ रुपए वाले दो मोटर बोट लाए जाएंगे। ये बोट सर्वसुविधायुक्त होंगे। अभी यहां डेढ़ करोड़ रुपए की मोटर बोट आ चुकी है। भविष्य में यहां पूणे और मुंबई जैसे समुद्र तटों में चलने वाले सभी तरह के बोट और वाटर स्पोर्ट्स के सभी तरह की सामग्रियां लाई जाएंगी। पर्यटन में गंगरेल को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए पिछले तीन सालों से प्रयास तेज कर दिए गए हैं। इसके तहत बोटिंग साइट को विकसित किया जा रहा है।
गंगरेल में बोटिंग का क्रेज इन मोटरबोट व पैडलबोट से पूरा होगा। हाल में मंगाई गईं बोट आमतौर पर समंदर या बड़े वॉटर पार्क में ही दिखती हैं।
सभी फोटो- अजीत सिंह भाटिया
वाटर स्पोर्ट्स की ट्रेनिंग
यहां वाटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के लिए वाटर स्पोर्ट्स की ट्रेनिंग भी दी जाएगी। इसके लिए मुंबई और पूणे से प्रशिक्षक बुलाए जाएंगे। इससे यहां राष्ट्रीय स्तर की वाटर स्पोर्ट्स चैंपियनशिप होने की संभावना भी बढ़ेगी।