प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय में आयोजित संस्कार समर कैंप का समापन 19 मई को बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ हुआ। इस अवसर पर सभी प्रतिभागी बच्चों को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में ब्रम्हाकुमारी सरिता बहन ने कहा हर माता-पिता को आशा रहती है कि उनका बच्चा न केवल अच्छे नंबर से आगे बढ़े, बल्कि उसके जीवन में नैतिक मूल्यों व श्रेष्ठ संस्कारों का समावेश भी हो। विद्यालय और शिक्षक भी जानते हैं कि बच्चे कच्ची मिट्टी की तरह होते हैं, उन्हें जैसा चाहें आकार दिया जा सकता है।
सरिता बहन ने कहा कभी-कभी बच्चे इंटरनेट, सिनेमा, टेलीविजन, सोशल मीडिया की संगत में पड़कर अपने लक्ष्य और संस्कारों से भटक जाते हैं। ऐसे में यदि उनके सामने कोई जीवंत उदाहरण हो, चाहे परिवार में या समाज में, तो उन्हें देखकर अच्छे श्रेष्ठ संस्कारों को बल मिलता है। सेंट जेवियर्स स्कूल की प्राचार्य नीता नेताम ने कहा कि मनुष्य का जीवन पानी के बुलबुले के समान है। पता नहीं आज हम हैं, कल हम नहीं होंगे, यह सोचकर हर क्षण को अमूल्य समझें और समय का सदुपयोग करें। गर्मियों की छुट्टियों में जहां कई बच्चे घूमने में अपना समय बिता रहे हैं, वहीं इन बच्चों ने संस्कारों को जानने और जीवन में इन्हें धारण करने के लिए समर कैंप में समय बिताया।
शिविर का समापन
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विवि के समर कैंप में भाग लेने वाले बच्चों का हुआ सम्मान
धमतरी। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विवि ने प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया।
बच्चों ने नृत्य की प्रस्तुति दी
समर कैंप में भाग लेने वाले बच्चों में से हेमलता, भूमिका पटेल, माहा मन्नत, स्तुति महावर, ऐशा ध्रुव, एंजल मुनवानी, मुस्कान वाधवानी, कनक नानकानी, भाविका, लुकेश्वरी, रूपाली देवांगन, अनुष्का जैन, देविका सिन्हा, हर्षिता देवांगन, गिनी ठाकुर, पुष्पांजलि, वसुंधरा तिवारी ने नृत्य की प्रस्तुति दी।