प्रधानमंत्री फसल बीमा कराकर प्रीमियम जमा करने वाले मगरलोड ब्लाक के 40 गांवों के किसानों को बीमा लाभ नहीं मिला। ऋणी, अऋणी 2991 किसानों ने कुल 1247675 रूपए का प्रीमियम इफको टोकियो कंपनी में जमा कराया। इनमें से करीब 300 किसानों को ही बीमा लाभ मिला। यही नहीं, खरीफ सीजन में सूखा राहत राशि भी हजारों किसानों को नहीं मिल पाई है। सोमवार को एक हजार से अधिक किसान कलेक्टोरेट पहुंचे और अपर कलेक्टर केआर आेगरे को ज्ञापन सौंपकर जल्द बीमा लाभ दिलाने की मांग की। किसानों ने कलेक्टोरेट में आक्रोश जताते हुए कहा कि यदि उनके क्षेत्र के किसानों को फसल बीमा का लाभ नहीं मिला, तो वे मुख्यमंत्री की विकास यात्रा का बहिष्कार करेंगे।
सहकारी सोसायटी के अध्यक्ष धनंजय साहू, सिंगपुर सरपंच राधेलाल सिन्हा, सोनझरी सरपंच भुनेश्वर ठाकुर, केकराखोली सरपंच महेश्वरी मरकाम, जनपद सदस्य भानबाई दीवान ने कहा कि प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति सिंगपुर अंतर्गत 11 ग्राम पंचायत हैं, इनमें 40 गांव शामिल हैं। खरीफ सीजन में फसल को भारी नुकसान हुआ है। सूखा राहत से अभी भी क्षेत्र के 60 प्रतिशत किसान वंचित हैं। यही नहीं, बीमा कराने के बाद भी क्षतिपूर्ति नहीं मिल रही है, जबकि वे राजस्व विभाग की आनावारी रिपोर्ट के आधार पर बीमा लाभ के पात्र हैं।
विकास यात्रा के बहिष्कार की चेतावनी आनावारी रिपोर्ट लेकर पहुंचे थे कलेक्टोरेट: फसल बीमा लाभ से वंचित किसान अपने साथ राजस्व विभाग की आनावारी रिपोर्ट लेकर पहुंचे थे। अधिकारियों को किसानों ने रिपोर्ट दिखाकर कहा कि कुछ गांव के 20 से 27 प्रतिशत आनावारी वाले किसानों को बीमा लाभ मिला, वहीं 1 से 27 प्रतिशत आनावारी वाले 34 गांवों के किसानों को बीमा लाभ से वंचित कर दिया गया है। अधिकारी ने इसकी जांच कराने के बाद कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। अपर कलेक्टर केआर ओगरे ने कहा कि फसल बीमा की पहली लिस्ट अभी जारी हुई है। दूसरी लिस्ट में सभी बीमित किसानों का नाम आ जाएगा। किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है।
1 प्रतिशत आनावारी के बाद भी लाभ नहीं
किसानों ने बताया कि ग्राम पंचायत राजाडेरा, जलकुंभी, हतबंध की आनावारी रिपोर्ट 29 प्रतिशत और भोबलाबाहरा, बोरईगांव, सरईबदर की आनावारी रिपोर्ट 26 प्रतिशत थी। इन 6 पंचायतों सहित इनके आश्रित गांवों के किसानों को पीएम फसल बीमा योजना का लाभ मिला। परसाबुड़ा, कुल्हाड़ीकोट, दुधवारा, अमलीडीह, मड़ेली सहित 9 पंचायतों के 34 गांवों के सैकड़ों किसानों को बीमा लाभ नहीं मिला है। शासन के नियम अनुसार 37 प्रतिशत से कम आनावारी रिपोर्ट वाले किसानों को बीमा लाभ मिलना चाहिए। यही नहीं, पालवाड़ी, राउतमुड़ा में आनावारी रिपोर्ट 1 प्रतिशत है, फिर भी यहां के किसानों को बीमा लाभ नहीं मिला है।