5 से 10 मिनट में ही बंद हो गए नल आज नियमित पानी मिलने का दावा
फिल्टर प्लांट की मोटर में आई खराबी का सुधार सोमवार रात तक नहीं हो पाने से मंगलवार सुबह भी लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पाया। 5 से 10 मिनट तक ही नल खुलकर बंद हो गए। दोपहर को रॉ वाटर मशीन में 20-20 एचपी के दो सबमर्सिबल पंप डालकर पानी फिल्टर प्लांट तक पहुंचाया गया, जहां जल शुद्धिकरण की प्रक्रिया होती है। शाम तक पंप तो लग गए थे, लेकिन शहर की 9 ओवरहेड टंकियों को भरने में 10 से 12 घंटे का समय लगता है। ऐसे में शहरवासियों को बुधवार सुबह से ही पहले की तरह नियमित पानी मिलेगा।
प्लांट की दो मशीन खराब हैं, जिनका सुधार कार्य कराया जा रहा है। जल विभाग के अभिमन्यु सिन्हा ने बताया कि अब आगे से शहर में पानी सप्लाई बंद नहीं होगी। ज्यादातर रॉ वाटर मशीन में खराबी आती है।
रॉ वाटर मशीन से ही पानी फिल्टर प्लांट तक पहुंचता है। इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था कर लिया गया है। यदि आगे से मोटर खराब भी हो जाए, तो 20-20 एचपी के लगाए गए सबमर्सिबल पंप से फिल्टर प्लांट तक पानी लाकर टंकियों को भर सकते हैं।
धमतरी. रॉ वाटर सेक्शन में सबमर्सिबल पंप जोड़ते कर्मचारी।
प्लांट की क्षमता बढ़नी है, अभी कई खामियां
शासन शहर में जल सुविधा बढ़ाने के लिए 28 करोड़ रुपए दे रहा है। प्रशासकीय स्वीकृति का निगम को इंतजार है। वर्तमान में 14.7 एमएलडी जल का फिल्टर प्लांट में शुद्धिकरण किया जा रहा है। इसे बढ़ाकर 23 एमएलडी करना है। 9 टंकियों के अलावा 4 नए टंकियों का भी निर्माण होना है। वर्तमान में फिल्टर प्लांट में एक भी प्रशिक्षित टेक्नीशियन नहीं है। शुद्धिकरण के लिए एलम, फिटकरी, क्लोरीन आदि मिलाया जाता है। निगम के पुराने कर्मचारी ही अंदाजे से इसकी जिम्मेदारी निभा रहे। शहर की आबादी 1 लाख है। निगम ने वार्डों में 17 हजार कनेक्शन बांटे हैं। फिल्टर प्लांट में सिर्फ 3 ही मोटर पंप हैं। ऐसे में मोटर पंपों की संख्या बढ़ानी जरूरी है।
वार्डों में 6 टैंकरों से हो रही पानी सप्लाई
खराबी के चलते नगर निगम शहर में 6 पानी टैंकरों के सहारे वार्डों में जल आपूर्ति हो रही है। टैंकर आते ही भीड़ उमड़ रही, इससे पानी के लिए आपाधापी तो हो रही है, साथ ही परेशानी को लेकर लोगों में नाराजगी है। शहर में निगम के 85 बोर हैं। यहां से भी जल आपूर्ति की जा रही है।