धमतरी | प्रेमिका की हत्या करने के बाद सबूत मिटाने के लिए साजिश रचने वाले प्रेमी को न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। प्रेमी ने बालोद की सरहद में प्रेमिका की हत्या करने के बाद बोरी में लाश भरकर धमतरी तक लाया और रुद्री घाट पर ले जाकर लाश को जला दिया था। इस करतूत से पुलिस भी दंग रह गई थी और बड़ी मुश्किल से वह आरोपी को ढूंढ पाई।
पोस्टऑफिस वार्ड के तेजप्रकाश सिंह (33) का वार्ड की ही नगमा परवेज के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था और दोनों पति-प|ी के रूप में रह रहे थे। दोनों ने अलग-अलग विवाह विच्छेद संबंधी शपथ पत्र भी बनवाया। इसके बाद नगमा ने तेज प्रकाश से रुपयों की मांग की, पर तेजप्रकाश रुपए देना नहीं चाहता था, इसलिए गुपचुप तरीके से उसने नगमा को मारने का प्लान बनाया। 17-18 जनवरी 2017 की दरम्यानी रात तेजप्रकाश ने नगमा को मोबाइल कर बुलाया और बाइक पर बिठाकर बालोद जिले के सियादेही जंगल में ले गया। वहां उसने नगमा की गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद लाश को बोरी में भरकर बाइक से ही धमतरी लाया और रुद्रेश्वर घाट पहुंचकर लाश को जला दिया। दूसरे दिन फिर वह मौके पर पहुंचा और नगमा की अस्थियों को चिता की राख समेत महानदी में बहा दिया।
पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू की थी : इधर नगमा के परिजनों के रिपोर्ट पर कोतवाली पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू की थी। विवेचना आगे बढ़ने पर पुलिस तेजप्रकाश तक पहुंची, तब मामले का खुलासा हुआ। इसके बाद तेजप्रकाश को गिरफ्तार कर पुलिस ने मामला अपर सत्र न्यायाधीश ग्रेगोरी तिर्की के न्यायालय में प्रस्तुत किया। न्यायाधीश ने सभी पक्षों को सुनने के बाद तेजप्रकाश को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास एवं 1 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई।