पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • मुजगहन में जला वीरता पुरस्कार से पुरस्कृत बालिका का घर

मुजगहन में जला वीरता पुरस्कार से पुरस्कृत बालिका का घर

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार से सम्मानित ग्राम मुजगहन की नीलम ध्रुव का घर आग लगने के कारण सामान समेत तबाह हो गया। समय पर दमकल टीम की मदद नहीं मिली, तब ग्रामवासियों ने तालाब से पानी लाकर आग पर काबू पाया। आगजनी में नीलम के सारे दस्तावेज, कापी-पुस्तक और घर में रखे सारे सामान स्वाहा हो गए। आग की लपटों घर में सो रही 82 साल की राजबती बुरी तरह घिर गई थी, जिसे पड़ोसी मंजू यादव ने खुद की परवाह किए बगैर सुरक्षित बाहर निकाला।

सरपंच नारायण सेन, मंजू यादव, मनीषा गोस्वामी, भुनेश्वरी साहू, लता ध्रुव ने बताया कि सूचना देने के बाद बावजूद रात 10 बजे दमकल टीम घटना स्थल पर पहुंचा, तब तक ग्रामीण आग पर काबू पा चुके थे। यदि सूचना मिलते ही तत्काल दमकल टीम मौके पर पहुंचती, तो नीलम के घर को तबाह होने से बचाया जा सकता था। दमकल टीम मौके पर आने के बावजूद गली सकरी होने का हवाला देकर तुरंत लौट गई।

घटना 12 अप्रैल को रात करीब सवा 8 बजे की है। हादसे के समय घर में नीलम की दादी राजबती ध्रुव (82) पलंग पर सो रही थी और नीलम घर के बाहर खेल रही थी। उसकी मां संतोषी ध्रुव वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने पड़ोसी के घर गई थी। जैसे ही आग की लपटें घर से बाहर निकली, आस पास अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने घटना की सूचना फायर बिग्रेड को दी, पर दमकल टीम समय पर नहीं पहुंची। इधर आग की लपटें बढ़ती जा रही थी, ऐसे में ग्रामीण अपने-अपने घरों से बाल्टी समेत अन्य बर्तन लेकर पहुंचे और तालाब से पानी लाकर 2 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

आग से घिरी वृद्धा को पड़ोसी मंजू ने जान की परवाह किए बगैर बचाया

जलता रहा नीलम का घर, नहीं मिल सकी दमकल की मदद, तालाब से पानी लाकर बुझाई गई आग
... अब बाकी हैं घर के निशां
धमतरी। आग से तबाह हुआ नीलम ध्रुव का घर और सारा सामान। अब केवल ‘निशां’ बाकी है।

पहुंचते तक बुझ गई थी आग, आरोप बेबुनियाद
निगम के फायर बिग्रेड प्रभारी सतीश त्रिपाठी ने बताया कि कंट्रोल रूम को रात 8.30 बजे आगजनी की खबर मिली, जिस पर 8.45 बजे टीम मौके पर पहुंच गई। जिस जगह आगजनी हुई थी, वहां संकरी गली होने के कारण दमकल गाड़ी का घुसना नामुमकिन था। टीम ने घटना स्थल जाकर देखा, तब तक आग बुझ चुकी थी। ऐसे में टीम लौट आई। टीम के समय पर नहीं पहुंचने का आरोप बेबुनियाद है।

किसी ने की आर्थिक मदद, तो राशन-कपड़े भी
नीलम केन्द्रीय विद्यालय में 6वीं की छात्रा है। घटना की खबर प्राचार्य डॉ. एसएस ध्रुव, शिक्षक जेपी सिंह को मिली। तब वे शुक्रवार को दोपहर 12.30 बजे उसके घर पहुंचे और परिजनों से मुलाकात कर उसकी मां संतोषी को आर्थिक मदद के रुप में 10 हजार दिए। इस दौरान नीलम की आंखों से आंसू छलक पड़े। आकृति इंस्टीट्यूट और आकृति प्ले ग्रुप के संचालक भूपेश चौधरी ने नीलम की इस साल की पढ़ाई का खर्च उठाया है। गांव की जय मां तुलसी समूह, महिला कमांडो समेत ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार की मदद के लिए चावल, दाल और नगदी रकम दी। महिला समूह ने नीलम और उसकी मां को नए कपड़े खरीदकर दिए।

आरबीसी 6-4 के तहत मदद कर रहे
एसडीएम सीडी वर्मा ने बताया कि घटना की खबर शुक्रवार को सुबह मिली। तत्काल पटवारी को घटना स्थल भेजा गया। वे क्षतिपूर्ति रिपोर्ट तैयार कर तहसीलदार राकेश ध्रुव को सौंपेंगे। तहसीलदार को कहा गया है कि रिपोर्ट मिलते ही पीड़ित परिवार को आरबीसी 6-4 के तहत तुरंत आर्थिक मदद करें।

बचाया था तालाब में डूबती बच्ची को, अब नीलम का प्रशस्ति पत्र, पुस्तक-कॉपी सब राख
9 साल की नीलम ने बीते साल तालाब में डूब रही 4 वर्षीय टिकेश्वरी की जान बचाई थी। इसलिए उसे राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार से दिल्ली में सम्मानित कर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने उसकी पीठ थपथपाई थी। नीलम ने प्रशस्ति पत्र को फ्रेम कराकर घर की दीवार में टंगा रखा था। आग से यह भी आधा जल गया। साथ ही बैंक के सभी दस्तावेज, पुस्तक-कापी, परिजनों के पूरे कपड़े, राशन सामाग्री भी जलकर नष्ट हो गई।

बड़े पिता सीताराम ध्रुव नीलम के जले हुए दस्तावेजों को खंगालते रहे।

खबरें और भी हैं...