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रसोइयों ने कहा- अब भाजपा को जीतने नहीं देंगे

3 वर्ष पहले
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सीटू के बैनरतले जिलेभर के मिड-डे-मील रसोइये काम छोड़कर कलेक्टर दर पर मजदूरी देने की मांग को लेकर 5 दिनों से पंढरीराव कृदत्त खेल परिसर में टेंट लगाकर धरने पर बैठे हैं। शासन-प्रशासन की उपेक्षा से आक्रोशित रसोइयों ने शुक्रवार को अब भाजपा को नहीं जीतने देने की बात कही।

जिले के सभी रसाेइए मध्यान्ह भोजन मजदूर एकता यूनियन (सीटू) से जुड़े हुए हैं। सीटू के जिला महासचिव समीर कुरैशी ने धरना स्थल पर सभा को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ने 5 साल में रसोइयों का मानदेय 500 भी नहीं बढ़ाया। हमारी भूल से ही कमल का फूल खिला है, इसलिए अब भाजपा को जीतने नहीं देना है। शिक्षा सचिव रसोइयों से स्कूल में सिर्फ डेढ़ घंटे ही काम लेने की बात कहते हैं, जबकि स्कूलों में 6 घंटे सेवा दे रही हैं। दिनभर स्कूल में सेवा देने वाली महिलाएं कलेक्टर दर पर 6 घंटे काम का मेहनताना मांग रही है। कुरैशी ने कहा स्कूलों में महिलाओं का शोषण हो रहा है। बच्चों को भोजन पकाकर खिलाने की जवाबदारी रसोइयों की ही है। ऐसे में उन्हें पर्याप्त मानदेय मिलना ही चाहिए। धरना में महेश शांडिल्य, पुरुषोत्तम देवांगन, अहिल्या ध्रुव, अमरीका नागरची, गंगा विश्वकर्मा, सारिका ध्रुव, श्यामा साहू, संगीता साहू, हेमिन, गया बाई नेताम आदि शामिल थे।

ये हैं मांगे: मिड-डे मील योजना के लिए पर्याप्त बजट दिया जाए। योजना को 12वीं क्लास तक लागू किया जाए। एनजीओ को ठेका देना बंद किया जाए। मिड-डे मील वर्कर को मजदूर कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा रसोइयों के काम को 6 घंटा दर्शाया जाए।

स्व. पंढरीराव कृदत्त खेल परिसर में धरने पर बैठी हैं मिड-डे मील की महिला रसाेइए।

फैक्ट फाइल
2608 कुल रसोइया जिले में

81 संकुलों के 1332 स्कूलों में दे रहे सेवा

06 घंटे काम का मांग रहे 260 रुपए मेहनताना

40 रुपए रोजी मिलती है वर्तमान में

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