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ढाई करोड़ में बनी सड़कों का बारिश में उखड़ना तय क्योंकि पानी निकासी की व्यवस्था ही नहीं

3 वर्ष पहले
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शहरवासियों की सबसे बड़ी जरूरत नई सड़क थी। लंबे समय बाद नगर निगम पूरे शहर में बीटी रोड बनवा रहा है। अब तक 2.52 करोड़ का सड़क निर्माण हो गया है। साथ ही 1 करोड़ की लागत से नई सड़क बनाने के लिए टेंडर भी जारी कर दिया गया है। 2 महीने बाद बारिश में इन सड़कों की अग्नि परीक्षा होगी। इंजीनियराें के अनुसार बीटी रोड की लाइफ 3 साल मान जाती है। इधर शहर में कई ऐसे स्थान हैं, जहां बारिश का पानी घुटने तक भर जाता है।

ऐसे में इन स्थानों की सड़कें आने वाली बारिश में उखड़ सकती हैं, क्योंकि नगर निगम ने सड़क तो बनवा दी, लेकिन इन स्थानों काे जलमग्न होने से रोकने के कोई उपाय नहीं किए हैं। लोग भी बारिश में इन स्थानों की सड़क उखड़ जाने की भविष्यवाणी कर रहे हैं। व्यवसायी अनिल साहू, विकास, गोपाल निर्मलकर ने कहा कि अभी भी निगम के पास समय है। सड़कों को बचाने के लिए पानी निकासी की वैकल्पिक व्यवस्था करना चाहिए। सबसे ज्यादा जलभराव बनियापारा, शिव चौक, देवश्री व विमल टाॅकीज, गुजराती समाज भवन और शिवाजी प्रतिमा से दावत रेस्टोरेंट तक भरता होता है। यहां घुटने तक पानी भर जाता है।

45 करोड़ का ड्रेनेज सिस्टम का प्रस्ताव लटका:शहर में पानी निकासी न होने की सबसे बड़ी समस्या का कारण खराब ड्रेनेज सिस्टम है। 15- 20 मिनट की तेज बारिश में ही आमापारा, आजाद चौक, गोकुलपुर, स्टेशन पारा, पुराना बस स्टैंड, पीडी नाला, बस्तर रोड सहित भगवती मैरिज ग्राउंड, विमल टाॅकीज, देवश्री टाॅकीज, गुजराती समाज भवन क्षेत्र की सड़कें डूब जाती हैं। निगम ने इन क्षेत्रों में ड्रेनेज सिस्टम दुरुस्त करने के लिए शासन से 45 करोड़ की मांग की है। 2 साल से शासन को प्रस्ताव बनाकर भेजा जा रहा है, पर इसे स्वीकृति नहीं मिल पा रही है।

ये हैं वो स्थान जहां, नई सड़क बनी: शिव चौक क्षेत्र में 9 लाख, रामसागर पारा क्षेत्र में 9.42 लाख, म्युनिसिपल स्कूल से पोस्ट आफिस तक 28.85 लाख, बनियापारा- मठ मंदिर क्षेत्र में 23.14 लाख की लागत से बीटी रोड का निर्माण हुआ है। बारिश में इन स्थानों पर सर्वाधिक पानी भरता है। सड़कों को बचाने के लिए अभी उपाय नहीं किए गए, तो बारिश में इनका उखड़ना तय है।

पानी रूका तो उखड़ जाएगी सड़क: पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर एमडी पैकरा ने कहा कि यदि बीटी रोड पर पानी रूकेगा, तो इसका उखड़ना तय है। बारिश का सीधा प्रभाव नहीं पड़ता, लेकिन यदि बीटी रोड में पानी रूका तो नुकसान हाेगा ही।

सड़क उखड़ी तो मरम्मत कराएंगे: निगम कमिश्नर अशोक द्विवेदी ने कहा कि ड्रेनेज सिस्टम के लिए शासन को प्रस्ताव भेजे हैं। यह बड़ा प्रोजेक्ट है। बारिश में जलमग्न वाले स्थानों की सड़क उखडे़गी ये मानते हैं, लेकिन तत्काल में व्यवस्था करना संभव नहीं है। सड़क उखड़ी तो फिर से मरम्मत कराएंगे।

पहले
धमतरी। विमल टाकीज के सामने बारिश में ऐसा रहता है पानी।

अब
धमतरी. विमल टॉकीज के सामने सड़क बनने के बाद।

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