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3 साल से अटका दुगली-सिंगपुर नहर का विस्तार, इससे 40 गांवों को मिलेगा पानी

3 वर्ष पहले
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दुगली से सिंगपुर तक सोंढूर नहर विस्तार की सालों से अटकी पड़ी परियोजना पर शासन ने इस साल भी प्रशासकीय स्वीकृति नहीं दी है, जबकि यह काम वर्ष 2015-16 के बजट में शामिल हो चुका है और विभाग 60 करोड़ का डीपीआर बनाकर स्वीकृति के लिए भेज चुका है।

शासन से इस कार्य को हरी झंडी मिले, तो करीब साढ़े 4 हजार हेक्टेयर रकबे की सिंचाई होने के साथ ही अंचल के 40 से अधिक गांवों को हर साल गर्मी में गहराने वाले जलसंकट से भी स्थायी रूप से मुक्ति मिल सकेगी।

जल संसाधन विभाग के अनुसार नगरी ब्लाक के ग्राम दुगली से मगरलोड ब्लाक के ग्राम सिंगपुर तक सोंढूर नहर विस्तार की मांग अंचलवासी कई सालों से कर रहे थे। इसे देखते हुए विभाग की ओर से इसका प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। प्रस्ताव को हरी झंडी मिलने के बाद वर्ष 2015-16 में डीपीआर बनाकर शासन को भेजा गया, जिसे वर्ष 2015-16 के बजट में शामिल तो किया गया, लेकिन प्रशासकीय स्वीकृति अब तक नहीं मिल पाई है। इससे अंचलवासियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

40 से अधिक गांवों को मिलेगी समस्याओं से मुक्ति : विभाग की डीपीआर के अनुसार दुगली से सिंगपुर तक नहर और वितरक शाखाओं की कुल लंबाई 60.42 किमी होगी और इसके निर्माण में 6053.24 लाख रुपए की लागत आएगी। नहर बन जाने से अंचल के 40 से अधिक गांवों के 4426 हेक्टेयर खेतों को सिंचाई सुविधा मिलेगी। साथ ही ग्रामीणों को जलसंकट के अभिशाप से भी मुक्ति मिलेगी। इन गांवों में सिंगपुर, कमईपुर, राउतमुड़ा, अंजोरा, मुड़केरा, भंडारवाडी, धनोरा, बासीखाई, सिरकटटा, घोटिया दादर, कारसवाही, मुरूमडीह, पालवाड़ी, केकराखोली, गिरहोलाडीह,सरईरूख, खड़मा, मड़वापथरा,मूलगांव, बेंद्राचुवा, पठार, सोनारिन दैहान, सोनझरी, केकराखोली, कठाेलीपारा, ठेनहीपारा, कलारबाहरा,कमारिनमुड़ा, मारागांव भाेभलाबाहरा, बोईरगांव, सरईभदर, भिकुड़िया, निरई, मोहेरा, बोदल बाहरा, कुसुमखुटा, पेंड्रा, बिरझुली, आलेखुटा, गोबरा पठार शामिल हैं।

लोक सुराज में समाधान होने की बंधी थी उम्मीद

लोकसुराज अभियान के दौरान मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह 3 अप्रैल 2017 को ग्राम सिंगपुर पहुंचे, तब उनकी चौपाल में ग्रामवासियों ने दुगली से सिंगपुर तक सोंढूर नहर विस्तार की मांग पुरजोर तरीके से रखी थी। उन्होंने कहा था कि अंचल में सिंचाई सुविधा नहीं होने के कारण खेती में अक्सर नुकसान उठाना पड़ता है। चट्‌टानी जमीन के नीचे जलस्त्रोत नहीं होने के कारण टयूबवेल भी सफल नहीं होते, जिससे हर साल गर्मी के दिनों में जलसंकट से भी जूझना पड़ता है। लोगों की तकलीफों को देखते हुए सीएम ने चौपाल में ही घोषणा की थी कि सोंढूर नहर के सिंगपुर तक विस्तार का काम जल्द शुरू होगा। साथ ही उन्होंने गांव को पेयजल व्यवस्था के लिए सोलर पंप और मिनी स्टेडियम की सौगात भी दी थी।

दूसरी योजना में लेना होगा

विभाग के ईई एस ताम्रकार का कहना है कि नगरी से दुगली और दुगली से सिंगपुर तक सोंढूर नहर विस्तार के दो अलग-अलग प्रस्ताव शासन को भेजे गए थे। इन्हें सैद्धांतिक स्वीकृति तो मिली थी, पर प्रशासकीय स्वीकृति सिर्फ नगरी से दुगली के कार्य को ही मिल पाई है। इसके लिए इस वर्ष बजट में 63 करोड़ रूपए मिले हैं। दुगली से सिंगपुर तक नहर विस्तार के कार्य को अब दूसरी योजना में लेना होगा।

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