कोडरमा-टाटीसिलवे तक न्यू लाइन पर 3100 करोड़ खर्च, ट्रेन कब चलेगी अफसरों को पता नहीं
डीबी स्टार धनबाद
कोडरमा से हजारीबाग-टाटीसिल्वे तक 200 किमी की न्यू लाइन पर अब रेलवे ने 3100 करोड़ खर्च कर दिया है। टाटीसिल्वे से संकी (32 किमी) तक नई लाइन बिछाई जा चुकी है। इसका क्लियरेंस भी कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी ने दे दी है। दो महीने बीत चुके हैं। लेकिन, ट्रेन का परिचालन शुरू नहीं हो पाया है। क्योंकि, रेलवे यह तय नहीं कर पाया है कि किस जोन से ट्रेन की शुरुआत होगी। अब दो जोन कोलकाता स्थित दक्षिण-पूर्व रेलवे और हाजीपुर स्थित पूर्व-मध्य रेलवे के बीच मामला फंस गया है। टाटीसिल्वे से संकी के बीच रांची या हटिया से एक पैसेंजर ट्रेन की शुरुआत होनी है। बीआईटी मेसरा के स्टूडेंट्स और टाटीसिल्वे से संकी तक ग्रामीणों को रांची शहर में मार्केट तक पहुंचने के लिए ट्रेन एक बेहतर माध्यम होगा। ट्रेन शुरू करने का डेडलाइन रेलवे तय नहीं कर पा रहा है। जबकि, कोडरमा-रांची रेल लाइन का शिलान्यास वर्ष 1999 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने किया था। इस प्रोजेक्ट को पूरा करने में रेलवे का दो बार डेडलाइन पहले ही फेल हो चुका है।
सीआरएस की हरी झंडी मिलने के बाद तुरंत चलानी थी ट्रेन, लेकिन नहीं चली
दो महीने पूर्व टाटीसिल्वे से संकी तक कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी ने जांच की और हरी झंडी दे दी है। इस लाइन पर ट्रेन परिचालन को लेकर धनबाद डीआरएम मनोज कुमार अखौरी ने प्रेस काॅन्फ्रेंस में कहा था कि हरी झंडी मिलते ही टाटीसिल्वे से संकी तक एक पैसेंजर ट्रेन चलाया जाएगा, लेकिन हरी झंडी मिलने के दो महीने बाद अब तक पैसेंजर ट्रेन नहीं दौड़ पाई है।
धनबाद डीआरएम बोले- तकनीकी समस्या आई है, जिसे दूर किया जा रहा है : धनबाद डीआरएम मनोज कुमार अखौरी ने कहा कि इस नई लाइन पर तकनीकी समस्या आई है, जिसे दूर किया जा रहा है। तकनीकी समस्या से रेलवे बोर्ड को भी अवगत करा दिया गया है। जैसे ही तकनीकी समस्या दूर हो जाएगी, ट्रेन चलने लगेगी।
हाजीपुर सीपीआरओ : द-पूर्व रेलवे से हरी झंडी मिलेगी, तब परिचालन शुरू
पूर्व-मध्य रेलवे के सीपीआरओ राजेश कुमार ने कहा कि दो रेलवे जोन के अंदर ट्रेन चलना है। हमलोग प्रयास कर रहे हैं कि जल्दी से ट्रेन परिचालन शुरू हो। इसके लिए दक्षिण-पूर्व रेलवे से हरी झंडी मिलने का इंतजार किया जा रहा है। दो जोन के अंदर ट्रेन चलाने के लिए प्रपोजल रेलवे बोर्ड को भेजा गया है। इस ट्रेन को केवल पूर्व-मध्य रेलवे अंतर्गत चलाना रहता तो इसे कबके चला दिया जाता। वहीं रांची डीआरएम बोले- डीआरएम विजय कुमार गुप्ता ने कहा कि जिस लाइन पर ट्रेन चलना है, वह पूर्व-मध्य रेलवे के अंतर्गत आता है। इस मामले में जीएम से भी बात हुई है। उन्होंने कहा है कि पूर्व-मध्य रेलवे को ट्रेन का परिचालन करना है। जब वहां से प्रपोजल दक्षिण-पूर्व रेलवे जोन को मिलेगा।