यात्रियों को संक्रमण से बचाने को भारतीय रेल ने 60 फीसदी ट्रेनों में लगाया बायो टॉयलेट, ट्रैक की गंदगी पर पाया काबू
डीबी स्टार धनबाद
देशभर के ट्रेनों के शौचालय के उपयोग से हर दिन 4 हजार मीट्रिक टन मानव अपशिष्ट जमीन पर गिरता था। गंदगी के कारण जहां पर्यावरण प्रदूषित होता है। वहीं लोगों में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इससे निजात दिलाने के लिए भारतीय रेल ने स्वच्छ भारत अभियान के तहत बायो टायलेट प्रोजेक्ट शुरू किया है। इससे काफी हद तक सुधार हुआ है। रेलवे द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार 60 प्रतिशत मानव अपशिष्ट को जमीन पर गिरने से रोक लिया गया है। ट्रेनों में बायो टॉयलेट लगने से ऐसा संभव हुआ है। देश भर में चलने वाली ट्रेनों के 60 प्रतिशत डिब्बों में बायो टाॅयलेट का इस्तेमाल है।
देशभर के ट्रेनों के शौचालय के उपयोग से हर दिन जमीन पर गिरता है 4 हजार मीट्रिक टन मानव अपशिष्ट
भारतीय रेल ने स्वच्छ भारत अभियान के तहत बायो टायलेट प्रोजेक्ट शुरू किया
मेड इन इंडिया है बायो टॉयलेट : बायो शौचालय की प्रौद्योगिकी का अविष्कार और डिजाइन मेड इन इंडिया है। इसे भारतीय रेलवे के इंजीनियरों और डीआरडीओ वैज्ञानिकों ने संयुक्त रूप से विकसित किया है। यह एक उदाहरण है जिसमें रक्षा इस्तेमाल के लिए विकसित प्रौद्योगिकी नागरिक कार्यों के लिए इस्तेमाल की जा रही है।
1.25 लाख डिब्बों में लगा बायो टॉयलेट
भारतीय रेलवे ने मार्च, 2018 तक ट्रेन डिब्बों में करीब 1,25,000 बायो शौचालय लगाए हैं। यह भारतीय रेलवे के कोच के बेड़े का करीब 60 प्रतिशत है। वर्ष 2017-18 के दौरान भारतीय रेलवे ने डिब्बों में सबसे अधिक बायो शौचालय स्थापित किए जो 40,000 बायो शौचालय स्थापित करने के लक्ष्य से 40 प्रतिशत और 2016-17 में 34134 जैव शौचालय बनाने के निर्धारित लक्ष्य से 64 प्रतिशत अधिक है। मालूम हो कि इसकी शुरूआत ग्वालियर-वाराणसी बुंदेलखंड एक्सप्रेस में जनवरी 2011 को 57 बायो शौचालयों से हुई थी। वर्तमान में भारतीय रेलवे ने 27 सेक्शनों पर ग्रीन कॉरिडोर के रूप में परिचालन शुरू किया है। इन सेक्शनों पर चलने वाली सभी ट्रेनों में बायो शौचालय लगे हैं। देशभर के साथ ट्रेन के कोच लगाने में दक्षिण पूर्व रेलवे जाेन ने भी बेहतर प्रदर्शन किया है। वर्ष 2017-18 के लिए जोन को 400 कोच में बायो टायलेट लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। लेकिन जोन ने लक्ष्य से आगे बढ़ते हुए 473 कोच में बायो टायलेट स्थापित कर दिया है। आने वाले वर्ष में अन्य ट्रेनों में भी बायो टायलेट लगाया जाना है।
2018 तक ट्रेनों के डिब्बों में 1,25,000 बायो शौचालय लगाए
रेलवे ने शुरू किया 27 सेक्शनों पर ग्रीन कॉरिडोर परिचालन