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धनबाद के ग्रामीण क्षेत्र की 30%आबादी जूझ रही है गंभीर पेयजल संकट से, नहीं है काेई जलापूर्ति योजना

3 वर्ष पहले
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धनबाद जिले की बड़ी आबादी को अब भी सही से पीने के लिए पानी नहीं मिल रहा है। राज्य सरकार ने जिले के उन ग्रामीण क्षेत्रों का सर्वे कराया है, जहां जलापूर्ति की कोई योजना नहीं बनी है। चेन्नई की पीबीएस कंपनी की सर्वे के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र की 30 प्रतिशत आबाद को गंभीर पेयजल संकट है। सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक, धनबाद के ग्रामीण क्षेत्र की कुल आबादी 14 लाख में से 4 लाख 14 हजार 321 के लिए जलापूर्ति की कोई योजना नहीं है। इतने लोग चापाकलों, कुओं, तालाबों के पानी पर निर्भर हैं। कंपनी ने धनबाद के उन 6 प्रखंडों के ग्रामीण क्षेत्रों का सर्वे किया है, जहां जलापूर्ति की कोई योजना नहीं चल रही है।

इनमें धनबाद, बलियापुर, टुंडी, पूर्वी टुंडी, बाघमारा एवं तोपचांची प्रखंड शामिल हैं। इन प्रखंडों की कुल आबादी 8 लाख, 24 हजार, 812 आबादी हैं। इनमें 4 लाख, 10 हजार 491 आबादी क्षेत्र में कोई न कोई जलापूर्ति योजना चल रही है। सरकार का लक्ष्य है कि जिले के सभी गांवों को सप्लाई का पानी उपलब्ध कराया जाए।

जिले के ग्रामीण क्षेत्र की 14 लाख आबादी में अधिकतर क्षेत्रों में पेयजल की किल्लत

तोपचांची प्रखंड में सबसे कम जलापूर्ति योजना, धनबाद प्रखंड में सिर्फ एक गांव बाकी

जिले में सबसे कम जलापूर्ति योजना वाला क्षेत्र तोपचांची प्रखंड है। सर्वे के अनुसार तोपचांची प्रखंड की कुल ग्रामीण क्षेत्र की आबादी 163342 आबादी में 119626 आबादी क्षेत्र के लिए कोई जलापूर्ति योजना नहीं है। प्रखंड के 115 गांवों में मात्र 17 गांवों में पानी सप्लाई की स्कीम बनी है। धनबाद प्रखंड में 99 प्रतिशत गांवाें में जलापूर्ति योजना से सप्लाई पानी मिल रहा है या कोई न कोई जलापूर्ति योजनाएं चल रहीं हैं। धनबाद प्रखंड के सिर्फ एक गांव धोखरा के लिए कोई जलापूर्ति योजना नहीं बनी है। विभाग का कहना है कि बलियापुर प्रखंड से सटे होने के कारण इस गांव को बलियापुर ग्रामीण जलापूर्ति योजना से जोडने की तैयारी की गई है।

चेन्नई की पीबीएस कंपनी ने 8 प्रखंडों का किया सर्वे

प्रखंड ग्रामीण आबादी कवर एरिया अन कवर एरिया

बलियापुर 140908 94624 66281

टुंडी 102022 62966 89056

पूर्वी टुंडी 50240 34442 15798

बाघमारा 334300 162749 171560

तोपचांची 163342 43716 119626

धनबाद 34000 3200 2000

क्यों बनाई जा रही सप्लाई की योजना

विभाग का कहना है कि धनबाद का ज्यादातर क्षेत्र खदान प्रभावित है। इसके कारण एक तो बोरिंग सफल नहीं होता है। अगर सफल भी होता है तो बहुत खर्चीला है और पीने लायक पानी नहीं मिल पाता है। इसलिए पानी सप्लाई ही एक मात्र विकल्प है।

जिले के चार प्रखंड पूर्ण जलापूर्ति योजना से कवर

पीएचईडी विभाग का कहना है कि निरसा, गोविंदपुर, एग्यारकुंड और कलियासोल प्रखंड का सर्वे नहीं कराया गया है। इन प्रखंडों के लिए निरसा-गोविंदपुर मेगा ग्रामीण जलापूर्ति योजना के तहत 437 गांवों में पानी सप्लाई की स्कीम शुरू हो गई है। इजरायल की टहल कंपनी ने इस जलापूर्ति योजना के लिए काम शुरू कर दिया है। यह योजना पूर्ण होने के बाद इन चार प्रखंडों के सभी गांवों में सप्लाई पानी पहुंचने लगेगा।

जिले की सभी ग्रामीण आबादी को सप्लाई पानी देने की योजना तैयार की जा रही है

जिले के सभी ग्रामीण आबादी को पानी सप्लाई देने की योजना तैयार की जा रही है। राज्य सरकार ने चेन्नई की पीबीएस कंपनी से जिले के उन सभी गांवों का सर्वे कराया गया है, जिन गांवों में पानी सप्लाई की कोई योजना नहीं है। उन गांवाें में विभिन्न नदियों या डैम से पानी सप्लाई की योजना तैयार की जा रही है। सरकार का उद्देश्य है कि जिले के सभी ग्रामीण आबादी को सप्लाई पानी दिया जाए। नवरंग सिंह, अधीक्षण अभियंता, पीएचईडी

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