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हॉल्टर मॉनिटरिंग मशीन बताएगी आपके दिल का असल हाल

3 वर्ष पहले
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हाॅल्टर मॉनिटरिंग मशीन को मरीज के शरीर में लगाने के बाद उसे चिकित्सकों की निगरानी में रखा जाता है। इस दौरान मशीन मरीज के दिल की धड़कनों को रिकाॅर्ड करता रहता है। 24 घंटों के दौरान दिल की गतिविधियों का डाटा सिलर मशीन में आ जाता है। उसकी जांच के नतीजों के मुताबिक इलाज किया जाता है।

बीसीसीएल के सेंट्रल हॉस्पिटल में मंगाई गई, कर्मियों को मुफ्त मिलेगी सुविधा, बाहरी को देना होगा शुल्क

सिटी रिपोर्टर | धनबाद

यदि आप दिल की बीमारी के मरीज हैं, तो आपके लिए एक अच्छी खबर है। दिल की धड़कन जब अस्वाभाविक लगने लगे या किसी अन्य तरह की परेशानी महसूस हो, तो आप जगजीवन नगर स्थित सेंट्रल अस्पताल की सेवा ले सकते हैं। वहां मेडिसीन विभाग में दिल की बीमारी की जांच के लिए विशेष मशीन मंगाई गई है। इसका नाम हॉल्टर मॉनिटरिंग मशीन है। इससे आपकी बीमारी की असल वजह का जल्द पता चल जाएगा और इलाज भी जल्द शुरू हो सकेगा। बीसीसीएल ने अपने कर्मियों के साथ-साथ धनबाद के अन्य निवासियों की सुविधा के लिए यह मशीन मंगवाई है। कंपनी के कर्मियों का इलाज तो मुफ्त होगा, लेकिन बाहर के लोगों को बेड और मशीन का चार्ज देना होगा।

जब ईसीजी और इकोग्राफी से बीमारी पता न चले, तब कारगर साबित होता है यह यंत्र

क्या है हाॅल्टर मॉनिटरिंग मशीन

हाॅल्टर मॉनिटरिंग मशीन दिल की बीमारी के कारणों का पता लगाने वाला एक पोर्टेबल यंत्र है। इसके जरिए दिल की बीमारी का वैसी स्थिति में भी पता लगाया जा सकता है, जब ईसीजी और इकोग्राफी से कारण पता नहीं चल पाए। इस यंत्र को मरीज के शरीर में 24 घंटाें के लिए लगा दिया जाता है। तय समय के बाद यंत्र को मरीज के शरीर से निकाल कर बीमारी की वजह का पता लगाया जाता है।

24 घंटों तक मरीज को रखा जाता है निगरानी में

एक स्वस्थ व्यक्ति के दिल की धड़कन प्रति सेकेंड 60 से 80 के बीच होनी चाहिए। इसमें उतार-चढ़ाव होना दिल की बीमारी का लक्षण हो सकता है। दिल की बीमारी के कई कारण हैं, जिनमें से एक उच्च रक्तचाप भी है। ऐसी स्थिति में मरीज को तुरंत चिकित्सक से संपर्क कर दवा लेनी चाहिए।

हाॅल्टर मॉनिटरिंग मशीन दिल की छिपी हुई बीमारियों का पता लगाने में कारगर है। फिलहाल छह लाख रुपए खर्च कर एक मशीन मंगाई गई है। इससे मरीजों के इलाज में काफी सुविधा हो रही है।’’ - डॉ संजीव गोलास, सीएमएस, सेंट्रल हास्पिटल

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