तीन दिनों में प्रशिक्षुओं का प्लेसमेंट कराएं, वरना दर्ज होगी एफआईआर
राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (एनयूएलएम) के तहत प्रशिक्षण के बाद बेरोजगारों का प्लेसमेंट नहीं कराने और परीक्षा आयोजित नहीं करनेवाली छह ब्लैकलिस्टेड एजेंसियों को नोटिस जारी किया है। नगर आयुक्त राजीव रंजन ने उन्हें तीन दिनों में परीक्षा आयोजित करने और प्रशिक्षण लेनेवालों का प्लेसमेंट कराने का निर्देश दिया है। ऐसा नहीं होने पर उनकी शिकायत राज्य सरकार से करते हुए एफआईआर दर्ज करने की चेतावनी दी है। नगर आयुक्त ने सभी ब्लैकलिस्टेड एजेंसियां के साथ मंगलवार को अपने दफ्तर में बैठक की। उन्हें बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2014-15 में 4860 युवाओं ने प्रशिक्षण हासिल किया था, लेकिन एजेंसियों ने उनमें से किसी की परीक्षा नहीं ली। बिना परीक्षा कराए ही एजेंसियों को 1 करोड़ 7 लाख 93 हजार रुपए का भुगतान भी कर दिया गया। इसी तरह वित्तीय वर्ष 2015-16 में 4687 को ट्रेनिंग देनी थी, लेकिन बिना ट्रेनिंग कराए ही उन्हें पहली किश्त के रूप में 1 करोड़ 69 लाख रुपए का भुगतान कर दिया गया। इस मामले की जांच के लिए एक कमेटी भी गठित की गई थी।
इन एंजेसियों को किया गया है ब्लैकलिस्टेड
परीक्षा और प्लेसमेंट नहीं कराने के आरोप में जिन एजेंसियों को ब्लैक लिस्टेड किया गया है, वे हैं - बैंचर स्किल इंडिया, एसएमडी कोट्स मीडिया मार्केटिंग, श्रीराम हॉराइजन, एसएन सिन्हा इंस्टीच्युट ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट, संत रविदास चर्मकार समिति और आईसी स्किल्ड लिमिटेड। इन सभी के प्रतिनिधियों के साथ मंगलवार को बैठक कर नगर आयुक्त ने तीन दिनों का समय दिया है। बैठक में उप नगर आयुक्त मनोज कुमार और एनयूएलएम प्रभारी विशाल सिंह आदि भी मौजूद थे।