जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जल्द जिला स्कूल की तर्ज पर एक-एक स्कूल खाेला जाएगा। शिक्षा विभाग ने इस संबंध में सभी जिलाें से रिपोर्ट मांगी है। ऐसे स्कूलों का प्रस्ताव मांगा गया है, जो 2 से 5 एकड़ तक जमीन पर बने हैं और संसाधनाें से लैस हैं। सभी जिलों के डीईओ को इसकी रिपोर्ट के साथ 21 मई को आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में शामिल होने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही डीईओ से हाई कोर्ट में लंबित वादों, अवमाननावादों से संबंधित प्रतिवेदन, जिला अंतर्गत सभी प्रोजेक्ट उच्च विद्यालयों की स्थापना का निरीक्षण प्रतिवेदन भी मांगा गया है।
कस्तूरबा विद्यालयों में साइंस और कॉमर्स की पढ़ाई शुरू करने का मांगा गया प्रस्ताव
विभाग ने सभी डीईओ से कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय से संबंधित रिपोर्ट मांगी है। पूछा गया है कि कस्तूरबा विद्यालयों में कितनी छात्राएं साइंस और कॉमर्स पढ़ना चाहती हैं। यह भी पूछा गया है कि किस-किस कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में साइंस और कॉमर्स की पढ़ाई की व्यवस्था की जा सकती है।
पूछा- कितनी किताबें दोबारा उपयोग के लायक
विभाग ने 21 मई की समीक्षा बैठक में सभी डीएसई को अपने जिले की किताबों से संबंधित रिपोर्ट लेकर आने को कहा है। उन्हें बताना है कि प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में कक्षा एक से आठ तक की कितनी पुरानी किताबें दोबारा उपयोग के लायक हो सकती हैं। रनिंग वाटर और उच्च न्यायालय में लंबित वादों की रिपोर्ट भी मांगी गई है।
रिटायर्ड शिक्षकों को ईएल के समतुल्य राशि
सरकारी सहायता प्राप्त और अल्पसंख्यक प्रारंभिक विद्यालयों के सेवानिवृत्त शिक्षकों को अर्जित अवकाश के समतुल्य नगर भुगतान से संबंधित रिपोर्ट भी सभी जिलों से मांगी गई है। निदेशालय की ओर से इस संबंध में जारी आदेश के अनुपालन की रिपोर्ट भी मांगी गई है।