पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

बच्चों पर अपनी गलती न थोपें शिक्षक: नीलकमल

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
बैंक मोड़ स्थित जीजीपीएस में कार्यशाला में शामिल शिक्षक और विशेषज्ञ।

एजुकेशन रिपोर्टर | धनबाद

शिक्षक अपनी गलतियों को बच्चों पर ना थोपें। आप शुद्ध बोलेंगे तो बच्चे भी शुद्ध-शुद्ध बोलेंगे। शिक्षकों की वेषभूषा, हाव-भाव और विषय वस्तु का ज्ञान प्रस्तुत करने की तरीका उसकी अहम भूमिका है। बच्चों में अलग-अलग विशेषताएं सीखने की क्षमता होती है, जिस पर भी हमें ध्यान देना चाहिए। बच्चे हमसे क्या चाहते हैं हम कैसे और कब किस प्रकार से अपनी बातें रखें। इन सभी बातों पर ध्यान देना जरूरी है। उक्त बातें डीएवी सेक्टर छह, रांची जोन के प्राचार्य नील कमल सिन्हा ने बतौर सीबीएसई रिसोर्स पर्सन कही। वे गुरुवार को गुरू गोविंद सिंह पब्लिक स्कूल, बैंक मोड़ में विद्यार्थी अनुस्थापन नीति और कक्षा नियंत्रण विषय पर आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने शिक्षकों से वर्तमान परिवेश के अनुकूल क्रियाकलाप के माध्यम से खुद में बदलाव लाने की अपील की। कहा कि कक्षा नियंत्रण और जीवंत शिक्षण पद्धति पर विशेष ध्यान देने की

जरूरत है। बच्चों में अनपेक्षित बदलाव के क्या कारण हैं, उसे हमें बारीकियों से समझना होगा। इससे पहले कार्यक्रम का उद्घाटन प्राचार्य उमाकांत बराल और जीजीपीएस, चास के उप प्राचार्य जयंत विश्वास ने किया। कार्यक्रम को जमशेदपुर पब्लिक स्कूल की नीता अग्रवाल ने भी संबोधित किया। कहा कि हमें हर दिन स्वयं में बदलाव और कुछ सीखने कि प्रवृति रखनी होगी। बच्चे हमसे क्या चाहते है हमें किस रूप में अपने ज्ञान को देना है इस पर भी ध्यान देने की जरूरत है। कार्यक्रम में आदर्श श्रमिक उच्च विद्यालय झरिया, धनबाद पब्लिक स्कूल, आईएसएल भूली, गुरू गोबिंद स्कूल पब्लिक स्कूल बोकारो, समेत अन्य स्कूलों से कुल 61 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भाग लिया।

खबरें और भी हैं...