शहर के विशुनपुर में रहनेवाली महिला से 12 लाख रुपए की ठगी के मामले में पुलिस ने दो साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आशीष कुमार और किशन कुमार बेगूसराय के रहनेवाले हैं। किशन 10वीं पास है, लेकिन मैकेनिकल की बीटेक डिग्री वाले आशीष को वह साइबर अपराध के गुर सिखाता था। उनके गिरोह ने विशुनपुर की अनुपम को इनाम में एसयूवी दिलाने का झांसा देकर ठगी की थी। रकम जिन बैंक खातों में जमा कराए गए थे उनके नंबर और ठगी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर के आधार पर पुलिस गिरोह तक पहुंची। एसएसपी मनोज रतन चोथे ने गुरुवार को अपने कार्यालय में इस मामले का खुलासा किया।
एसएसपी ने बताया कि साइबर अपराधियों का यह गिरोह बिहार के विभिन्न जिलों से ऑपरेट करता है। चार-पांच जिलों में गैंग के 10-12 अपराधी सक्रिय हैं। दो पकड़े गए हैं, बाकी की तलाश की जा रही है। गिरोह का सरगना नवादा का चिंटू है। पकड़े गए दो अपराधियों के पास से विभिन्न बैंकों के पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड के अलावा लैपटाॅप, वार्ड पार्षद, नगर निगम, सीओ आदि की मुहरें भी मिली हैं। उनसे पता चलता है कि सालभर में गैंग ने एक करोड़ रुपए से अधिक की ठगी की। एक खाते में तो सिर्फ 15 दिन में 12 लाख रुपए का ट्रांजेक्शन हुआ। पुलिस ने इन सभी खातों को फ्रीज करा दिया है। एसएसपी ने गिरफ्तारी के लिए धनबाद थाना प्रभारी अशोक कुमार सिंह की टीम को पुरस्कृत करने की भी घोषणा की।
किशन खुलवाता था खाते, हर खाताधारी को देता था Rs.7 हजार महीना : गिरफ्तार किया गया किशन गैंग का लाइजनर है। उसने बेगूसराय में कई लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाए और उनके पासबुक, चेकबुक और एटीएम कार्ड अपने पास रख लिए। हर खाते खुलवाने के लिए माेबाइल नंबर किशन ने अपना दिया, ताकि उनके सभी ट्रांजेक्शन की जानकारी उसे मिलती रहे। इसके एवज वह हर खाताधारी को 7 हजार रुपए हर माह देता था। सरगना चिंटू की तलाश में पुलिस नवादा भी गई थी, लेकिन भनक लगने पर वह भाग निकला।
आशीष के खाते में हुआ था Rs.4 लाख का ट्रांजेक्शन : विशुनपुर की अनुपम कुमारी 1 अप्रैल को धनबाद थाने में 12 लाख रुपए की ठगी की एफआईआर दर्ज कराई थी। जांच में पुलिस को पता चला कि इस राशि में से 4 लाख रुपए आशीष के खाते में जमा कराए गए थे।
इनके नाम पर मिले पासबुक
उदय कुमार लाल, विकास कुमार, प्रेम कुमार (एसबीआई), सौरभ कुमार, किशन कुमार, राजा कुमार (केनरा बैंक), किशन कुमार (बंधन बैंक), सुभाष कुमार (आईसीआईसीआई बैंक) के नाम वाले पासबुक के अलावा चेकबुक, एटीएम कार्ड, ग्रीन कार्ड आदि अपराधियों के पास से मिले।
ठगी की राशि का ऐसे होता था बंटवारा
चिंटू का गैंग सभी तरह के साइबर अपराध में संलिप्त है। पिछले दिनों ऑनलाइन शापिंग कंपनी की लॉटरी के नाम पर ठगी कर रहा था। लाटरी में एसयूवी निकलने का झांसा देकर बीमा, रजिस्ट्रेशन और क्लियरेंस के नाम पर ठगी करता था। ठगी की रकम का आधा हिस्सा सरगना रख लेता था। बाकी बैंकों में खाता खुलवाने वालों के बीच बांटा जाता था।