यू-डायस में गलत जानकारी देने वाले सरकारी और निजी विद्यालयों पर कार्रवाई की जाएगी। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की ओर से जिले के विद्यालयों की जांच के लिए यूनिसेफ की टीम को जिम्मेवारी सौंपी है। यूनिसेफ की टीम पिछले दो दिनों से विद्यालयों की जांच कर रही है। जांच के क्रम में टीम सरकारी और निजी विद्यालयों की ओर से यू-डायस में दी जाने वाली जानकारियों का भौतिक सत्यापन कर रही है। टीम की सदस्य डॉ अंजू पाठक जिले के टुंडी और गोविंदपुर के दर्जनों विद्यालयों की जांच कर चुकी हैं। शनिवार को भी जिले के विभिन्न प्रखंडों के स्कूलों की जांच की जाएगी।
विभाग के अनुसार, विद्यालयों में सरकार की ओर से उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं का सीधा लाभ छात्र-छात्राओं को मिल रहा है या नहीं और क्वालिटी एजुकेशन देने में विद्यालयों को क्या परेशानी हो रही है, इस संबंध में जांच की जा रही है।
कई विद्यालयों में बीएड प्रशिक्षु कर रहे हैं टाइम पास
यूजीसी की टीम ने शुक्रवार को गोविंदपुर समेत अन्य क्षेत्र के विद्यालयों की जांच में पाया कि बीएड प्रशिक्षु कक्षा कराने के नाम पर टाइम पास कर रहे हैं। कई बीएड प्रशिक्षु कक्षा में हेडफोन लगाकर पढ़ाते मिले। टीम ने डीईओ से मिल कर इस संबंध में शिकायत की है। डीईओ ने बताया कि टीचिंग प्रैक्टिस ठीक से नहीं करने वाले छात्र-छात्राओं के कॉलेजों को लिखा जाएगा। निर्धारित समय विद्यालय में पूरा करने के बाद ही छात्रों को कोर्स पूरा करने का प्रमाण पत्र दिया जाएगा। नए सत्र से ऐसी व्यवस्था हाे कि स्कूलों में एक साथ 10 से अधिक प्रशिक्षु न पहुंचें।